MP News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से शुक्रवार को एक हैरान कर देने वाली और संवेदनशील घटना सामने आई। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्वालियर बायपास पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला ई-रिक्शा चालक ने बीच सड़क पर अपने ही ई-रिक्शा को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते सड़क पर धुएं और आग की लपटों ने लोगों का ध्यान खींच लिया। राहगीर रुक गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था बल्कि गरीब और मेहनतकश वर्ग की मजबूरी को भी उजागर करती है।
बच्चों के भविष्य के लिए खरीदा था ई-रिक्शा
ई-रिक्शा जलाने वाली महिला की पहचान फक्कर कॉलोनी निवासी सन्नो खान उर्फ गुड़िया महौर के रूप में हुई है। गुड़िया ने बताया कि करीब छह महीने पहले उसने अपने बच्चों की परवरिश और परिवार की आर्थिक हालत सुधारने के लिए 2 लाख 30 हजार रुपये में फाइनेंस पर ई-रिक्शा खरीदा था। उसका सपना था कि वह खुद ई-रिक्शा चलाकर रोज की मजदूरी से छुटकारा पाए और सम्मानजनक जीवन जी सके। शुरुआत में उसने पूरी मेहनत से काम किया लेकिन यह सपना ज्यादा दिन टिक नहीं पाया। ई-रिक्शा खरीदने के महज दो महीने बाद ही उसमें तकनीकी खराबी आने लगी और धीरे धीरे वह पूरी तरह खराब हो गया।

चार महीने तक एजेंसी के चक्कर और बढ़ती मजबूरी
पीड़िता का आरोप है कि पिछले चार महीनों से वह लगातार ई-रिक्शा एजेंसी के चक्कर काट रही थी। हर बार उसे आश्वासन दिया जाता रहा लेकिन वाहन की मरम्मत नहीं की गई। इस दौरान ई-रिक्शा घर में कबाड़ बनकर खड़ा रहा और गुड़िया को मजबूरी में फिर से दिहाड़ी मजदूरी करनी पड़ी। उसे हर महीने किस्त भी चुकानी थी और बच्चों का पेट भी पालना था। महिला का कहना है कि जब एजेंसी ने साफ तौर पर ई-रिक्शा ठीक करने से इनकार कर दिया तो उसका सब्र टूट गया। इसी मानसिक तनाव और हताशा में उसने सड़क पर अपना ई-रिक्शा जलाने जैसा कदम उठा लिया ताकि उसकी आवाज सुनी जा सके।
एजेंसी का पक्ष और पुलिस की जांच
वहीं एजेंसी प्रबंधन ने महिला के आरोपों को खारिज किया है। एजेंसी मैनेजर शुभम शर्मा का कहना है कि ई-रिक्शा की बैटरी फट गई थी और कंपनी के नियमों के अनुसार फटी हुई बैटरी को बदला नहीं जा सकता। उनका दावा है कि महिला को अपने खर्च पर नई बैटरी लगवाने की सलाह दी गई थी लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुई। इधर दिनदहाड़े आगजनी की इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग बुझवाई और स्थिति सामान्य की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच के बाद तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर गरीब स्वरोजगार करने वालों की परेशानियों और सिस्टम की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े करता है।


