MP News: मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक नाबालिग युवक को अपराध की राह पर धकेलs: दिया. चोरहटा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक नाबालिग ने अपनी ही मां के करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने और चांदी के जेवर चोरी कर लिए. युवक ने ये जेवर अपने एक दोस्त के घर पर छिपा दिए थे. यह मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित महिला ने गहने चोरी होने की शिकायत पुलिस से की. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग को हिरासत में लिया और उसकी निशानदेही पर चोरी गए सभी जेवर बरामद कर लिए. यह घटना समाज में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत और उसके गंभीर परिणामों की ओर इशारा करती है.
वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान दिया चोरी को अंजाम
जानकारी के अनुसार यह मामला तब का है जब महिला सीधी जिले से रीवा अपने दो बच्चों के साथ एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने आई थी. इसी दौरान महिला का नाबालिग बेटा भी साथ था. कार्यक्रम के दौरान ही युवक ने मौका देखकर मां के बैग या अलमारी में रखे कीमती जेवर चुरा लिए. इन जेवरों की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है. युवक ऑनलाइन गेमिंग का आदी था और गेम में पैसे खर्च करने के लिए उसने यह कदम उठाया. महिला को जब घर लौटने के बाद गहनों के गायब होने का पता चला तो पहले उसने आसपास तलाश की. जब कहीं कोई सुराग नहीं मिला तब उसने चोरहटा थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई.

दोस्त के घर छिपाए गए थे जेवर, पुलिस ने ऐसे सुलझाया मामला
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदेह के आधार पर नाबालिग बेटे से पूछताछ की. शुरुआत में आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा और चोरी से इनकार करता रहा. लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच कबूल कर लिया. आरोपी ने बताया कि उसने चोरी किए गए जेवर सीधी जिले के जमोड़ी इलाके में रहने वाले अपने दोस्त के घर पर छिपा दिए थे. पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी की निशानदेही पर दोस्त के घर से सभी चोरी गए जेवर बरामद कर लिए. गहनों की बरामदगी के बाद महिला ने राहत की सांस ली. फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने गेमिंग के जरिए कितना पैसा खर्च किया और कहीं किसी अन्य अपराध में तो वह शामिल नहीं रहा.
ऑनलाइन गेमिंग की लत बन रही अपराध की वजह
चोरहटा थाना प्रभारी आशीष मिश्रा ने बताया कि आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है. प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण ही युवक ने चोरी जैसी वारदात को अंजाम दिया. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या किसी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर युवक ने अत्यधिक पैसे खर्च किए थे. पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और समय रहते उन्हें सही मार्गदर्शन दें. यह मामला न केवल एक पारिवारिक विश्वासघात की कहानी है बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि डिजिटल लत किस हद तक युवाओं को भटका सकती है.


