MP News: मध्य प्रदेश में सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए यानी एक्स्टसी के अवैध उत्पादन का नेटवर्क तेजी से फैलता नजर आ रहा है. शनिवार रात राज्य के दो अलग अलग जिलों में हुई पुलिस कार्रवाई ने इस खतरनाक नेटवर्क की गंभीरता को उजागर कर दिया. मंदसौर और राजगढ़ जिलों में एक ही दिन हुई छापेमारी से यह साफ हो गया है कि प्रदेश में ड्रग माफिया संगठित तरीके से काम कर रहा है. मंदसौर जिले में छह थानों की संयुक्त टीम ने एक सक्रिय एमडीएमए फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. वहीं राजगढ़ जिले में भारी मात्रा में संदिग्ध केमिकल जब्त किए गए जो इसी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस की इस कार्रवाई को ड्रग तस्करों के खिलाफ अब तक की बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है.
मंदसौर में एमडीएमए फैक्ट्री का भंडाफोड़
मंदसौर जिले में शनिवार देर रात छह थानों के करीब 60 पुलिसकर्मियों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर एक गुप्त एमडीएमए निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश किया. मौके से पुलिस ने 102 ग्राम तैयार एमडीएमए ड्रग, 12.610 किलोग्राम एमडीएमए क्रूड, 3.540 किलोग्राम पारदर्शी तरल पदार्थ और 680 ग्राम सफेद रासायनिक पाउडर बरामद किया. इसके अलावा स्टील के कंटेनर में रसायनों का मिश्रण तैयार किया जा रहा था और कई उपकरण भी जब्त किए गए. फैक्ट्री में 32 वर्षीय दीपक सिकलीगर और 19 वर्षीय सुमित सिकलीगर को रंगे हाथों एमडीएमए बनाते हुए पकड़ा गया. दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह ड्रग कहां सप्लाई की जानी थी और इसके पीछे कौन सा बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है.

राजगढ़ में केमिकल का जखीरा बरामद
इसी दिन राजगढ़ जिले की माचलपुर थाना पुलिस ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए आदमपुरा के जंगल क्षेत्र से 266.9 किलोग्राम संदिग्ध केमिकल जब्त किए. ये केमिकल पांच नीले ड्रमों में भरकर एक गड्ढे में छिपाए गए थे. पुलिस के अनुसार यह स्थान गोगटपुर गांव से मात्र आठ किलोमीटर की दूरी पर है जहां चार दिन पहले राजस्थान पुलिस ने एमडीएमए फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था. इस वजह से आशंका जताई जा रही है कि राजगढ़ में मिले केमिकल उसी फैक्ट्री के लिए रखे गए थे. पुलिस ने जब्त केमिकल की अनुमानित कीमत करीब पांच करोड़ रुपये बताई है. सभी ड्रमों को सील कर सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया गया है. इस मामले में भी माचलपुर थाने में अलग से केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
ड्रग नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह संकेत मिल रहा है कि मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में एमडीएमए का संगठित नेटवर्क सक्रिय है. पुलिस को शक है कि मंदसौर और राजगढ़ की बरामदगी आपस में जुड़ी हुई है और इसके तार राजस्थान तक फैले हो सकते हैं. जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि कच्चे रसायन कहां से लाए गए और तैयार ड्रग किन शहरों या राज्यों में सप्लाई की जानी थी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. पुलिस और नारकोटिक्स विभाग ने ड्रग माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है. इस पूरे मामले ने प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई को और तेज कर दिया है.


