MP News: मध्य प्रदेश की राजनीति में AIMIM के नेता तौकीर निज़ामी ने एक जनसभा के दौरान मुस्लिम समुदाय को लेकर ऐसा विवादित बयान दिया है जिसने राजनीतिक गलियारों में तहलका मचा दिया है। उन्होंने मुस्लिमों को तीन वर्गों में बांटते हुए कहा कि एक वह मुस्लिम जो जूते चाटता है, दूसरा जो जूते खाता है और तीसरा जो जूते से वार करता है। तौकीर ने स्पष्ट किया कि जूते चाटने वाले मुस्लिम कांग्रेस में हैं, जूते खाने वाले बीजेपी में और जूते मारने वाले सिर्फ AIMIM यानी मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन में पाए जाते हैं। उन्होंने ओवैसी भाइयों द्वारा पुलिस हटाने के बयान का भी हवाला दिया।
कांग्रेस पर तगड़ा हमला, कमलनाथ पर भी निशाना
तौकीर निज़ामी ने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद से कांग्रेस ने मुस्लिमों को गुलामी की जिंदगी दी है। वे उन्हें झंडे लगाने और कालीन बिछाने तक सीमित कर देते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कमलनाथ 100 फीसदी वोट मांगते हैं, लेकिन केवल दो सीटें मुस्लिम प्रतिनिधित्व के नाम पर देते हैं। इस बयान से कांग्रेस में भी हलचल मची है और राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

मजलिस ही मुस्लिमों के लिए एकमात्र रास्ता
निज़ामी ने मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन को मुस्लिमों की गुलामी से मुक्ति का एकमात्र रास्ता बताया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के लिए दो दुकानें हैं, एक नफरत की और दूसरी मोहब्बत की, और मुस्लिम अपने हक सिर्फ ओवैसी की पार्टी में पा सकते हैं। उन्होंने बिहार और महाराष्ट्र के उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में AIMIM के पांच विधायक चुने गए हैं जबकि महाराष्ट्र में 125 AIMIM पार्षद हैं, जो इस पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता का परिचायक है।
इस बयान पर मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सरंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कौन जूते से वार करेगा? कोई कोशिश करे तो देखेंगे। मध्य प्रदेश शांति का द्वीप है और यहां ऐसे बयान बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ओवैसी, उनके भाई या उनके नेता हिंसा भड़काने की बातें करते हैं और लोगों का राजनीतिक इस्तेमाल करते हैं। ऐसे बयान राजनीति में बिलकुल अनुचित हैं।” उनके इस कड़े बयान से राजनीतिक गर्माहट और बढ़ गई है।


