MP News: जबलपुर जोन की राज्य साइबर पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन धोखाधड़ी के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह ने लोगों को भारी मुनाफे का झांसा देकर शेयर ट्रेडिंग में निवेश का लालच दिया और फिर ऑनलाइन फ्रॉड को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड अनिकेत मत्रे सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अनिकेत मत्रे इंदौर से इस गिरोह का संचालन करता था। गिरफ्तार आरोपियों में दयानंद मांझी, अक्षय मंडलिक, और मिथुन जाटव शामिल हैं, जबकि एक आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
गिरोह ने कैसे रचा ऑनलाइन फ्रॉड का जाल
पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड अनिकेत मत्रे सिर्फ आठवीं कक्षा तक पढ़ा था, लेकिन उसने अंग्रेजी भाषा बोलने वाले युवकों की एक पूरी टीम बना ली थी। इसी नेटवर्क के जरिए वे लोगों को फंसाते थे। पुलिस ने पाया कि गिरोह ने एक युवती से 14.16 लाख रुपये ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से धोखा दिया। पीड़िता को भारी मुनाफे का झांसा देकर निवेश कराया गया था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और रविवार को चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनसे पूछताछ जारी है और पुलिस को शक है कि ये गिरोह कई अन्य मामलों में भी शामिल हो सकता है।

तेज धन की लालसा में किया फ्रॉड
पूछताछ में अनिकेत मत्रे ने स्वीकार किया कि वह और उसका एक साथी तेज़ी से पैसा कमाने के लिए ऑनलाइन फ्रॉड का प्लान लेकर आए थे। उन्होंने इंदौर में एक नकली कॉल सेंटर शुरू किया, जहां से वे लोगों को कॉल करके उन्हें भारी मुनाफे के लालच में फंसाते थे। इस काम के लिए अंग्रेजी भाषा बोलने वाले युवकों की जरूरत थी, ताकि लोग उनके झांसे में आसानी से आ सकें। इसलिए उन्होंने होटल एवं इवेंट मैनेजमेंट का कोर्स पूरा करने वाले अक्षय मंडलिक को इस काम के लिए रखा। अक्षय कॉल करके लोगों को निवेश के लिए मनाता था।
मनी लॉन्ड्रिंग के लिए मुले अकाउंट का इस्तेमाल
पुलिस ने यह भी पता लगाया कि धोखाधड़ी से मिले पैसे पहले दयानंद मांझी के माध्यम से मुले बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य पैसे को आपस में बांट लेते थे। इस धोखाधड़ी की कमाई से आरोपियों ने ब्रांडेड कपड़े, महंगे मोबाइल फोन खरीदे और आलीशान जिंदगी बिताई। वे कई बार महंगे रेस्टोरेंट्स में भी जाते थे। साइबर पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश कर रही है और गिरोह के नेटवर्क का खुलासा करने के लिए अन्य पीड़ितों से भी जानकारी जुटा रही है।


