MP News: मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक पेंशन नियम संशोधन, तलाकशुदा बेटियों को मिलेगा माता-पिता का पेंशन लाभ

MP News: भोपाल के सचिवालय में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार ने पेंशन नियमों में ऐतिहासिक संशोधन को मंजूरी दी। इस फैसले के तहत अब तलाकशुदा बेटियाँ अपने माता-पिता की पारिवारिक पेंशन की पात्र होंगी। सरकार का कहना है कि यह निर्णय महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। अधिकारियों ने बताया कि यह बदलाव न केवल महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा देगा बल्कि समाज में उनकी स्थिति को भी मजबूत करेगा।

तलाकशुदा बेटियों के लिए वित्तीय सुरक्षा का मार्ग

अब तक पेंशन नियमों में तलाकशुदा बेटियों के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था, जिससे कई महिलाएं आर्थिक रूप से असुरक्षित रहती थीं। नए संशोधन के अनुसार, तलाकशुदा बेटियों को उनके माता-पिता की पेंशन का लाभ मिलेगा। इससे इन महिलाओं को स्थायी वित्तीय सहायता प्राप्त होगी और वे अपने जीवन के खर्चों के लिए अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी। सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

MP News: मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक पेंशन नियम संशोधन, तलाकशुदा बेटियों को मिलेगा माता-पिता का पेंशन लाभ

वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट और विकास की नई दिशा

कैबिनेट बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को भी मंजूरी दी गई। यह बजट 18 फरवरी को मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य के समग्र विकास, आधारभूत ढांचे के विस्तार और सामाजिक कल्याण योजनाओं को नई गति देगा। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बजट के माध्यम से राज्य की जनता को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए योजनाओं में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की गई है।

महिलाओं और विकास दोनों में सरकार का स्पष्ट संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह निर्णय महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है। उन्होंने बताया कि तलाकशुदा बेटियों को पेंशन का अधिकार देकर सरकार ने समानता और न्याय की दिशा में कदम बढ़ाया है। साथ ही बजट को मंजूरी देकर यह सुनिश्चित किया गया है कि राज्य में विकास, सामाजिक कल्याण और आर्थिक स्थिरता सभी वर्गों तक पहुंचे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम मध्य प्रदेश में महिलाओं के अधिकारों को सशक्त करने और राज्य के आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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