Bhopal Gangrape case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कोहेफिजा इलाके में 11वीं की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस की पूछताछ में रोंगटे खड़े कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं। मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने वाले 365 जिम संचालक माज खान ने पुलिस रिमांड के दौरान स्वीकार किया कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश थी। माज ने बताया कि जब ओसाफ खानूगांव इलाके में खड़ी थार गाड़ी के भीतर छात्रा के साथ दरिंदगी कर रहा था, तब वह खुद बाहर निगरानी कर रहा था और मोबाइल से इस कृत्य का वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने बाद में इस वीडियो को आपस में साझा किया और इसे पीड़िता को दिखाकर उसे लगातार धमकाना शुरू कर दिया।
ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और लक्जरी कारों का जाल
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों की दरिंदगी सिर्फ एक बार तक सीमित नहीं रही। वायरल वीडियो के नाम पर छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उसे कई बार शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। इतना ही नहीं, छात्रा को डरा-धमकाकर उससे लगभग 40,000 रुपये की अवैध वसूली भी की गई। जांच में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आरोपियों ने अपराध के लिए अलग-अलग लक्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने अब तक उस थार गाड़ी को सीहोर के एक गांव से बरामद कर लिया है जिसमें पहली बार अपराध हुआ था, साथ ही मारुति सियाज, स्विफ्ट और होंडा सिटी जैसी गाड़ियों का उपयोग भी अलग-अलग स्थानों पर छात्रा को ले जाने और दुष्कर्म करने के लिए किया गया था।

साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश और फरार साथियों की तलाश
मामले में सबसे बड़ी चुनौती तकनीकी साक्ष्यों को जुटाना बनी हुई है, क्योंकि वारदात में इस्तेमाल किया गया आईफोन (iPhone) अभी तक बरामद नहीं हो सका है। आरोपी माज खान का दावा है कि जब वह अजमेर शरीफ दरगाह की यात्रा पर था और उसे पुलिस केस की भनक लगी, तो उसने डर के मारे अपना मोबाइल तोड़कर फेंक दिया। हालांकि, पुलिस इस दावे पर संदेह कर रही है और डेटा रिकवरी के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ले रही है। इसके साथ ही, माज के दो करीबी साथियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, जो समन भेजे जाने के बावजूद पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।
कोर्ट में जनता का आक्रोश और धर्मांतरण के गंभीर आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में न केवल दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग, बल्कि इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डालने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इसी आक्रोश का नतीजा था कि जब माज खान को 8 फरवरी को भोपाल की जिला अदालत में पेश किया गया, तो वहां उपस्थित वकीलों और आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा और आरोपी की जमकर पिटाई की गई। आरोपी फिलहाल 13 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर है। गौरतलब है कि माज का बड़ा भाई मोनीस भी ड्रग तस्करी के मामले में जमानत पर बाहर है, जिससे पुलिस अब आरोपियों के पूरे आपराधिक नेटवर्क और किसी बड़े ‘लव जिहाद’ या संगठित अपराध की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। फिलहाल, पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों से भी सामने आने की अपील कर रही है।


