MP News: मध्य प्रदेश के अथर्वा गांव में एक सनसनीखेज और दर्दनाक मामला सामने आया है। छत्रपति सिंह ने अपने ही रिश्तेदारों की हत्या कर दी। घटना का कारण अंधविश्वास बताया जा रहा है। मृतक दंपति फूल कुमारी सिंह और केमला सिंह थे। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल पैदा कर दिया। पड़ोसी और ग्रामीण घटना के बारे में सुनकर हैरान हैं और पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।
पूजा के बहाने बुलाकर किया हमला
जानकारी के अनुसार, छत्रपति सिंह ने अपने घर में पूजा का आयोजन किया और पड़ोसी दंपति को आमंत्रित किया। पूजा के लिए उन्होंने प्रवेश द्वार पर मिट्टी का मंच तैयार किया। जब दोनों दंपति पूजा करने आए, तो छत्रपति सिंह ने अचानक उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों का सिर धड़ से अलग हो गया। घटना की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी सुमित्रा सिंह और रामभजन सिंह मौके पर पहुंचे, जिन्हें भी गंभीर चोटें आई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, जांच जारी
मौके पर पहुंची पुलिस ने छत्रपति सिंह को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ शुरू कर दी। आरोपी के घर से जादू-टोने और पूजा सामग्री बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि मृतक और घायल सभी आरोपी के रिश्तेदार थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिए। फॉरेंसिक टीम ने बरामद पूजा सामग्री की जांच की और परिवार के अन्य सदस्यों से हाल की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई।
अंधविश्वास बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि हाल ही में छत्रपति सिंह की पत्नी का गर्भपात हुआ था। उन्होंने ज्योतिषियों से सलाह ली, जिन्होंने कहा कि यह भगवान के क्रोध की वजह से हुआ और इसे ठीक करने के लिए नरबलि करना जरूरी है। इस अंधविश्वास में विश्वास करते हुए छत्रपति ने अपने ही रिश्तेदारों की हत्या कर दी। विशेषज्ञों का कहना है कि अंधविश्वास और ज्योतिष में अंधविश्वासी विश्वास के कारण ऐसे जघन्य अपराधों की संख्या बढ़ रही है और समाज में जागरूकता की जरूरत है।


