MP News: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक SUV दुर्घटना ने लोगों को दहला दिया। कोतवाली थाना के एसएचओ आनंद राज ने बताया कि यह हादसा गुरुवार रात करीब 10 बजे गैरतगंज से जाफरखेड़ी गांव में होने वाले विवाह समारोह के लिए जा रही SUV के साथ हुआ। वाहन में कुल 10 लोग सवार थे। दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और सात अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। चार घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
हादसे का कारण: ड्राइवर की लापरवाही
पुलिस ने बताया कि SUV के चालक सोनू लोढ़ी ने सड़क के अंत में लगे चेतावनी बोर्ड को नजरअंदाज किया। वाहन तेज गति में 30 फीट गहरे सूखे तालाब में गिर गया, जिसमें नीचे पत्थर बिछे हुए थे। पुलिस की टीम ने दुर्घटना स्थल पर पहुंच कर घायलों को अस्पताल भेजा। घायल एक व्यक्ति को उन्नत इलाज के लिए भोपाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतकों की पहचान राजेश लोढ़ी (35), सोनू लोढ़ी (30), और चंद्रशेखर (35) के रूप में हुई।

मोरेना में सड़क हादसा: तीन की मौत
इसी दिन मोरेना जिले में एक और भयावह सड़क हादसा हुआ। सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र के एक दल मिल के पास, गुरुवार शाम लगभग 5:30 बजे, एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। पुलिस ने बताया कि इस हादसे में तीन लोग, रामरती (45), बहू पूनम (25) और दो वर्षीय पोती काव्या, मौके पर ही मृत हो गए। बाइक पर सवार रामरतन जाटव (46) गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक फरार हो गया, जिससे स्थानीय लोग राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर नारेबाजी और यातायात अवरुद्ध करने पर मजबूर हो गए।
हादसों ने मचाई अफरा-तफरी और सुरक्षा पर उठे सवाल
दोनों घटनाओं ने मध्य प्रदेश के सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर कर दिया है। विदिशा और मोरेना में हुए हादसों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी चुनौती दी है। पुलिस ने कहा कि दुर्घटनाओं की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज गति और सड़क पर चेतावनी बोर्ड की अनदेखी अक्सर जानलेवा साबित होती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित गति से वाहन चलाएं और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करें।


