MP News: उज्जैन महाकाल मंदिर में शाम और शयन आरती अब ऑनलाइन बुकिंग से संभव

MP News: उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एक नई सुविधा शुरू की जा रही है। अब मंदिर में केवल भस्म आरती ही नहीं बल्कि शाम और शयन आरती दर्शन की भी सुविधा उपलब्ध होगी। श्रद्धालुओं को प्रत्येक दर्शन के लिए ₹250 प्रति व्यक्ति शुल्क देना होगा। प्रशासन ने यह व्यवस्था बुधवार रात को घोषित की। यह पहल मंदिर में दर्शन प्रक्रिया को और व्यवस्थित बनाने और भक्तों को आरती का आनंद सीधे अनुभव कराने के लिए की गई है।

आरती बुकिंग की प्रक्रिया और समय

मंदिर प्रशासन ने बताया कि देश भर के श्रद्धालु मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/ से शाम और शयन आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। शाम आरती की बुकिंग दोपहर 12 बजे से शुरू होगी जबकि शयन आरती के लिए बुकिंग शाम 4 बजे से शुरू होगी। दोनों आरतियों के लिए अलग-अलग समय स्लॉट निर्धारित किए गए हैं। ऑनलाइन बुकिंग पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगी। इसका उद्देश्य मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करना और सभी भक्तों को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करना है।

MP News: उज्जैन महाकाल मंदिर में शाम और शयन आरती अब ऑनलाइन बुकिंग से संभव

मंदिर में प्रवेश और दर्शन का समय

भक्तों को दोनों आरतियों के लिए गेट नं. 1 से प्रवेश मिलेगा। शाम आरती में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को शाम 6 बजे मंदिर पहुंचना होगा। वहीं, शयन आरती के लिए दर्शन के लिए रात 10 बजे मंदिर पहुंचना अनिवार्य है। इसके अलावा, दोनों आरतियों में सामान्य श्रद्धालु कार्तिकेय मंडपम से मोबाइल दर्शन का भी लाभ उठा सकते हैं। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था विशेष सुरक्षा मानकों और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के अनुसार लागू की गई है ताकि सभी भक्त सुरक्षित और सहज अनुभव का आनंद ले सकें।

ऑनलाइन बुकिंग से बढ़ेगा भक्तों का अनुभव

नई व्यवस्था से भक्तों को आरती के समय की निश्चित जानकारी मिलने के साथ दर्शन की सुविधा भी आसान हो जाएगी। पहले जहाँ भीड़ और लंबी लाइनें देखने को मिलती थीं, अब ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से भक्त आराम से अपनी पसंदीदा आरती का समय चुन सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर ही पहुंचें और निर्धारित शुल्क का भुगतान ऑनलाइन ही करें। यह कदम मंदिर के संचालन में पारदर्शिता और भक्तों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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