MP News: मध्यप्रदेश विधानसभा में ‘औकात’ बयान पर बवाल, सीएम को मांगनी पड़ी माफी

MP News: मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को “औकात में रहो” कह दिया। इस टिप्पणी के बाद सदन का माहौल अचानक गरमा गया और कांग्रेस विधायकों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। विपक्षी सदस्य वेल में पहुंच गए और लगभग 40 मिनट तक लगातार नारेबाजी और हंगामा चलता रहा। मामला इतना बढ़ गया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा। हालांकि उन्होंने अपने मंत्री की ओर से माफी भी मांगी, लेकिन विपक्ष का गुस्सा शांत नहीं हुआ और अंततः सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।

बजट सत्र में तीखी बहस, अदाणी करार पर उठे सवाल

बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने सरकार को भागीरथपुरा मौत कांड और लाड़ली बहना योजना जैसे मुद्दों पर घेरने की कोशिश की। इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सिंगरौली में सरकार और अदाणी समूह के बीच हुए बिजली खरीद समझौते का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार 25 वर्षों में बिजली खरीद के नाम पर एक से सवा लाख करोड़ रुपये देने की तैयारी में है। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और कहा कि जो व्यक्ति सदन में मौजूद नहीं है, उसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए। वहीं कैलाश विजयवर्गीय ने सिंघार पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। सिंघार ने जवाब दिया कि वे हर आरोप प्रमाण के साथ रखते हैं और जरूरत पड़ने पर दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। इसी दौरान तीखी बहस के बीच विजयवर्गीय ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर दिया, जिससे विवाद और भड़क गया।

MP News: मध्यप्रदेश विधानसभा में ‘औकात’ बयान पर बवाल, सीएम को मांगनी पड़ी माफी

सीएम ने मांगी माफी, लेकिन विपक्ष अड़ा रहा

विवाद बढ़ने पर कैलाश विजयवर्गीय ने अपने व्यवहार पर असंतोष जताते हुए दुख व्यक्त किया। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी विपक्ष से शांत होने की अपील की, लेकिन कांग्रेस विधायक विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को संभालने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं खड़े हुए और कहा, “जाने-अनजाने में कोई शब्द निकले हों तो मैं माफी मांगता हूं।” विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी इस घटनाक्रम पर अफसोस जताया और कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा की एक गौरवशाली परंपरा रही है, लेकिन आज असहज स्थिति बन गई। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को संयम रखना चाहिए था। इसके बावजूद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी जुबानी जंग

विवाद के बाद यह मामला सोशल मीडिया तक पहुंच गया। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “मैं उमंग को प्यार करता हूं… मैं अपने व्यवहार से दुखी हूं।” वहीं उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि उनकी “औकात” 7.5 करोड़ मध्यप्रदेश की जनता के सवालों को सत्ता के सामने मजबूती से रखने की है। उन्होंने कहा कि यह अपशब्द केवल उनके लिए नहीं बल्कि राज्य की जनता का अपमान है। सिंघार ने आरोप लगाया कि सत्ता का अहंकार जनप्रतिनिधियों को जनता से ऊपर समझने पर मजबूर कर रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल सदन की गरिमा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आगामी राजनीतिक माहौल को भी और अधिक गरमा दिया है।

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