MP News: विश्व प्रसिद्ध उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुलभ, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में मंदिर प्रबंध समिति ने बड़ा निर्णय लिया है। डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए समिति ने बाबा महाकाल की संध्या आरती और शयन आरती की बुकिंग प्रक्रिया को अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु घर बैठे ही आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर सकेंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालु केवल अधिकृत वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/ के जरिए ही बुकिंग कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था से मंदिर परिसर में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
तय समय पर शुरू होगी बुकिंग, शुल्क ₹250 निर्धारित
मंदिर समिति द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से शुरू होगी, जबकि शयन आरती के लिए शाम 4:00 बजे से स्लॉट उपलब्ध होंगे। दोनों ही आरतियों में शामिल होने के लिए प्रति श्रद्धालु 250 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है, जो शीघ्र दर्शन के समान रखा गया है। यह बुकिंग प्रक्रिया ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर संचालित होगी। यानी जो श्रद्धालु पहले स्लॉट बुक करेंगे, उन्हें ही आरती में शामिल होने का अवसर मिलेगा। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इससे किसी प्रकार की सिफारिश या विशेष व्यवस्था की गुंजाइश समाप्त होगी और सभी भक्तों को समान अवसर मिलेगा।

गेट नंबर 1 से प्रवेश अनिवार्य, समय का पालन जरूरी
आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश व्यवस्था भी स्पष्ट कर दी गई है। सभी को प्रवेश द्वार क्रमांक 1 से ही अंदर आने की अनुमति होगी। संध्या आरती में शामिल होने के लिए शाम 6:00 बजे तक मंदिर परिसर में प्रवेश अनिवार्य रहेगा। वहीं, शयन आरती के लिए रात 10:00 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा। निर्धारित समय के बाद किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश नहीं मिलेगा, चाहे उसके पास ऑनलाइन बुकिंग क्यों न हो। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से समय का विशेष ध्यान रखने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि आरती का आयोजन सुचारू और व्यवस्थित ढंग से हो सके।
आरती के दौरान भी जारी रहेंगे चलित दर्शन
मंदिर प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि संध्या और शयन आरती के दौरान चलित दर्शन की व्यवस्था पूर्व की तरह जारी रहेगी। जो श्रद्धालु आरती की बुकिंग नहीं कर पाएंगे, वे भी कतार में चलते हुए बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। इससे आम दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। मंदिर समिति का कहना है कि डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी और भक्त-अनुकूल बनाना है। उज्जैन पहुंचने वाले हर श्रद्धालु को एक सुखद, सुरक्षित और दिव्य अनुभव मिले, यही इस कदम का उद्देश्य है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से मंदिर में भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और श्रद्धालुओं को लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलेगी।


