MP News: कांग्रेस ने भोपाल में किसान महा चौपाल बुलाई, अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर तीखा हमला

MP News: भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस लगातार मुखर है। पार्टी ने इसे किसानों और देश के हितों के खिलाफ बताते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला तेज कर दिया है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए भोपाल में कांग्रेस ने मंगलवार को किसान महा चौपाल का आयोजन किया। इस महाआयोजन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल हुए और किसानों से सीधे संवाद किया। पार्टी का दावा है कि इस मंच से गांव-गांव जाकर जनता को बताया जाएगा कि यह डील किस तरह किसानों के लिए खतरा है।

नेता किसानों से करेंगे संवाद और संबोधन

भोपाल स्थित जवाहर चौक पर आयोजित महा चौपाल के लिए कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं। मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर किसानों और आम जनता से इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। जीतू पटवारी ने अपने वीडियो में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों की गर्दन पर तलवार रखकर अमेरिका के साथ यह ट्रेड डील की है और इसे रोकने के लिए महा चौपाल में किसानों की लड़ाई को मजबूत किया जाएगा।

MP News: कांग्रेस ने भोपाल में किसान महा चौपाल बुलाई, अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर तीखा हमला

कांग्रेस ने डील को किसान हितों के लिए खतरा बताया

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद कपास, सोयाबीन, मक्का और सरसों जैसी फसलों की कीमतें गिर रही हैं। उमंग सिंघार ने इसे किसानों के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि किसान लगातार कर्ज में डूबे हैं और आय दोगुनी करने का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। कांग्रेस ने इसे निर्णायक जंग करार देते हुए कहा कि महा चौपाल किसानों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई में अहम भूमिका निभाएगा।

ट्रेड डील और अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य

कांग्रेस विधायकों ने अंतरिम ट्रेड डील के खिलाफ एमपी विधानसभा में भी विरोध प्रदर्शन किया और इसे किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताया। भारत और अमेरिका कई महीने चली बातचीत के बाद इस महीने अंतरिम ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के लिए रूपरेखा पर सहमत हुए थे, जिसमें अमेरिका ने अपनी टैरिफ 18 प्रतिशत तय की थी। हालांकि, अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दुनिया भर के देशों पर लगाया गया शुल्क अवैध है। इसके बाद ट्रंप ने टैरिफ 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का ऐलान किया। यह अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम भी भारतीय कृषि बाजारों पर प्रभाव डालने वाला माना जा रहा है।

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