MP News: मध्य प्रदेश के जबलपुर में नेशनल हाईवे-45 पर शहपुरा के पास बने रेलवे ओवरब्रिज के एक हिस्से के गिरने के मामले में प्रशासन हरकत में आ गया है। शहपुरा पुलिस थाने में निर्माण कंपनी मेसर्स बागड़ इंफ्रा के सिग्नेचर अथॉरिटी विनोद जैन और टीम लीडर हुकुम सिंह पर FIR दर्ज की गई। एफआईआर कार्य में लापरवाही और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत दर्ज की गई। यह शिकायत मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) के अधिकारियों की ओर से की गई थी। भोपाल में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त निर्देश दिए और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की।
400 करोड़ के ओवरब्रिज में निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
मेसर्स बागड़ इंफ्रा ने चार वर्ष पहले लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से 56 किलोमीटर सड़क और ओवरब्रिज का निर्माण किया था। नवंबर 2025 में ब्रिज का एक हिस्सा गिर चुका था और तब से मेंटेनेंस का काम ठेकेदार के खर्च पर चल रहा था। इसके बावजूद संरचनात्मक कमजोरी फिर से सामने आने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। स्थानीय लोगों ने पहले से ही ब्रिज की गुणवत्ता और टोल की अवैध वसूली को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं। घटना के बाद दिल्ली से सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) की टीम, रेलवे अधिकारी, कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और तकनीकी जांच शुरू की।

यातायात प्रभावित और सुधार कार्य युद्धस्तर पर
ब्रिज के हिस्से गिरने से जबलपुर-भोपाल मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। भोपाल जाने वाले वाहनों को शहर के अंदर और पाटन-नरसिंहपुर मार्ग से डायवर्ट किया गया। ओवरब्रिज का रखरखाव और निर्माण MPRDC की जिम्मेदारी में है। घटना ने प्रदेश में सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है और एक माह के भीतर सुधार कार्य पूर्ण कर सुरक्षित यातायात शुरू किया जाएगा। ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जा रही है।
भ्रष्टाचार के आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला किया। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, जीतू पटवारी और राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तंखा ने इसे भ्रष्टाचार और लापरवाही का मामला बताया। मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस जांच शुरू कर दी है। यदि जांच में निर्माण में अनियमितता या लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदार कंपनी और अधिकारियों पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।


