MP News: कोलारस में वृद्ध के अंतिम संस्कार को रोका गया, प्रशासन की उदासीनता ने बढ़ाई चिंता

MP News: शिवपुरी के कोलारस जिले के पचावला गांव से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक वृद्ध व्यक्ति के अंतिम संस्कार को रोक दिया गया क्योंकि क्रयकर्ता ने मुक्तिधाम की जमीन पर गेहूं की फसल उगा रखी थी। उनका तर्क था कि अंत्येष्टि से उनकी फसल जल जाएगी। श्यामलाल जाटव, जो कोरवास गांव के निवासी थे, अपनी बेटी के घर साजई गांव में रह रहे थे। शुक्रवार को उनकी मृत्यु हो गई और परिवार ने शव को नजदीकी पचावला गांव के क्रेमेटोरियम में लाया।

शव के साथ गांव वालों ने रोका अंतिम संस्कार

जब परिवार शव के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, तब जमीन पर अवैध रूप से खेती कर रहे गांव वालों ने उन्हें रोक दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि शव को क्रेमेटोरियम से वापस ले जाना पड़ा। परिवार ने इसे लेकर प्रशासन की उदासीनता और अपमान से गहरी नाराजगी जताई। आखिरकार, शव को नदी किनारे ले जाकर दाह संस्कार करना पड़ा।

MP News: कोलारस में वृद्ध के अंतिम संस्कार को रोका गया, प्रशासन की उदासीनता ने बढ़ाई चिंता

परिवार की पीड़ा और सड़क पर शव छोड़ना

अपने प्रियजन के अपमान और प्रशासन की लापरवाही से आहत होकर परिवार ने शव को मुख्य सड़क पर छोड़ दिया। उनका गुस्सा और हताशा उस कदर थी कि शव को सड़क पर ही छोड़ दिया गया। इसके बाद, अन्य ग्रामीणों के समझाने और मनाने पर, वृद्ध व्यक्ति का अंतिम संस्कार नदी के किनारे किया गया। यह घटना स्थानीय प्रशासन की गंभीर लापरवाही और सामाजिक व्यवस्था में बड़े अंतर को उजागर करती है।

प्रशासन की उदासीनता और जमीन पर कब्जा

हैरानी की बात यह है कि पंचायत प्रशासन को पहले से ही इस कब्जे की जानकारी थी। पचावला पंचायत सचिव ब्रजमोहन जाटव ने स्वीकार किया कि मुक्तिधाम की जमीन पर अवैध कब्जा है। उन्होंने तर्क दिया कि फसल पक रही है इसलिए कब्जा कटाई के बाद हटाया जाएगा। वहीं साजई पंचायत सचिव का कहना है कि गांव में मुक्तिधाम मौजूद है, जिससे विवाद और जटिल हो गया। इस मामले में प्रशासन की उदासीनता ने गांववासियों और मृतक परिवार के दर्द को और बढ़ा दिया।

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