MP News: ईरान-इजरायल युद्ध के बाद भोपाल और मध्य प्रदेश में पोहा-जलेबी दुकानें बंद होने की कगार पर

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By Input Published On: March 12, 2026
MP News: ईरान-इजरायल युद्ध के बाद भोपाल और मध्य प्रदेश में पोहा-जलेबी दुकानें बंद होने की कगार पर

MP News: भोपाल और मध्य प्रदेश की पहचान मानी जाने वाली पोहा-जलेबी की दुकानों पर एलपीजी गैस की कमी ने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों पर रोक लगी है, जिससे भोपाल और इंदौर के दुकानदार परेशान हैं। पोहा और जलेबी बनाने में लगातार गैस की जरूरत होती है, और पोहा को गर्म रखने के लिए उबलते पानी के बर्तनों पर रखना पड़ता है। कई दुकानदारों ने बताया कि उनके पास आखिरी सिलेंडर बचे हैं और अगर जल्द विकल्प नहीं मिला तो उन्हें दुकान बंद करनी पड़ेगी।

35 साल पुरानी परंपरा अब खतरे में

भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में एक 35 साल पुरानी पोहा-जलेबी की दुकान इस संकट के कारण पहली बार बंद होने की कगार पर है। दुकानदार का कहना है कि इतने वर्षों में कभी गैस की कमी की वजह से दुकान नहीं बंद करनी पड़ी थी। वहीं, रोज पोहा-जलेबी खाने आने वाले लोग भी परेशान हैं। उनका कहना है कि यह भोपाल की पहचान है और अगर यह सिलेंडर संकट लंबा चलता है तो शहर के स्वाद और परंपरा पर बड़ा असर पड़ेगा। स्थानीय लोग सुबह-सुबह ही दुकान पर पहुंचे ताकि इस आखिरी पोहा-जलेबी का आनंद ले सकें।

गैस सिलेंडर कालाबाजारी और प्रशासन की कार्रवाई

भोपाल में एलपीजी सिलेंडरों की कमी के बीच कालाबाजारी भी सामने आई है। गांधी नगर इलाके में प्रशासन ने छापेमारी कर 15 से अधिक सिलेंडर बरामद किए। जांच में पता चला कि 900 रुपये में मिलने वाले सिलेंडरों को 1,500 रुपये में बेचा जा रहा था। अधिकारियों ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और कालाबाजारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जनता को राहत देने और गैस की सही आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।

भोपाल और मध्य प्रदेश में पोहा-जलेबी संकट का असर

यदि एलपीजी सिलेंडर का यह संकट लंबे समय तक बना रहता है, तो भोपाल और मध्य प्रदेश की खान-पान की पहचान प्रभावित हो सकती है। दुकानदारों का कहना है कि पोहा-जलेबी शहर की संस्कृति का हिस्सा है और इसके बंद होने से न केवल व्यापार प्रभावित होगा, बल्कि लोग भी अपने पसंदीदा नाश्ते से वंचित रहेंगे। प्रशासन लगातार आपूर्ति और कालाबाजारी पर नजर रख रहा है, लेकिन आम जनता और दुकानदारों की उम्मीदें भी संकट के बीच लगातार बढ़ रही हैं।