MP News: मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत की घरेलू रसोई तक पहुंचने लगा है। एलपीजी गैस सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ने से सप्लाई सिस्टम पर दबाव महसूस किया जा रहा है। इसी स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता एक सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग 45 दिन के अंतराल के बाद ही कर पाएंगे। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम गैस सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज करने और पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए उठाया गया है।
अचानक बढ़ी मांग ने बढ़ाया दबाव
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में ग्रामीण उपभोक्ता औसतन 55 दिनों के अंतराल पर गैस सिलेंडर बुक करते थे। लेकिन हाल के दिनों में कुछ उपभोक्ता 10 से 15 दिन के भीतर ही दोबारा बुकिंग करने लगे थे। इससे गैस वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगा। मंत्रालय का मानना है कि इस तरह की पैनिक बुकिंग से कई इलाकों में सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से बुकिंग के बीच 45 दिन का अंतराल तय किया गया है ताकि सभी उपभोक्ताओं तक गैस की आपूर्ति संतुलित तरीके से पहुंच सके।
ग्रामीण इलाकों में लोगों की चिंता
सरकार के इस फैसले को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता भी सामने आ रही है। इंदौर जिले के देपालपुर गांव की रानू राव ने कहा कि 45 दिन का अंतराल बहुत लंबा है और इससे गरीब परिवारों को परेशानी हो सकती है। उनका कहना है कि परिवार बड़ा होने के कारण गैस जल्दी खत्म हो जाती है और अगर समय पर सिलेंडर नहीं मिला तो पुराने दिनों की तरह जंगल जाकर लकड़ी लानी पड़ेगी। शांति बाई ने भी कहा कि पहले की तरह ही सिलेंडर मिलना चाहिए। हालांकि जिला खाद्य अधिकारी मोहन मारू ने स्पष्ट किया कि गांवों में गैस की कोई किल्लत नहीं है और वहां अब भी लकड़ी और सिगड़ी का उपयोग अधिक होता है जिससे गैस की खपत अपेक्षाकृत कम रहती है।
एमपी के कई शहरों में तकनीकी समस्या
मध्यप्रदेश के कई शहरों में स्थिति तकनीकी समस्याओं के कारण और चुनौतीपूर्ण हो गई है। सर्वर से जुड़ी दिक्कतों के कारण ऑनलाइन गैस बुकिंग प्रभावित हो गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में उपभोक्ता गैस बुक करने में परेशानी का सामना कर रहे हैं। कई जगह वेटिंग पीरियड बढ़कर 7 से 8 दिन तक पहुंच गया है। गैस एजेंसियों पर सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ देखी जा रही है। प्रशासन और तेल कंपनियां मिलकर इस तकनीकी समस्या को जल्द ठीक करने की कोशिश कर रही हैं ताकि गैस वितरण व्यवस्था फिर से सामान्य हो सके।


