MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार, 18 मार्च की सुबह एक residential घर में भीषण आग लग गई, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग का कारण घर के बाहर लगे इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग पॉइंट में ब्लास्ट बताया जा रहा है। घटना के तुरंत बाद कई फायर टेंडर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पूरा घर आग की चपेट में आ चुका था। मृतकों में घर के मालिक मनोज पुगलिया और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं। हादसे ने इलाके में दहशत और डर का माहौल पैदा कर दिया।
इस दुखद हादसे के बाद केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने इसे अत्यंत दुखद और गंभीर बताया। मंत्री ने कहा कि EV चार्जिंग पॉइंट से लगी आग चिंता का विषय है, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि कम से कम 15 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन कर हादसे के कारणों की जांच की जाए। यह पता लगाया जाएगा कि यह दुर्घटना चार्जिंग स्टेशन की गुणवत्ता कम होने या खराब केबलिंग के कारण हुई। इसके आधार पर सख्त SOP तैयार की जाएगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा पर सवाल और मंत्री की प्रतिक्रिया
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बढ़ते ईंधन दाम और वैश्विक रुझानों के कारण लोग आज इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने बताया, “मैं भी सोच रहा हूं कि मेरी अगली कार EV हो।” हालांकि इलेक्ट्रिक वाहन समुदाय अक्सर इसे पूरी तरह सुरक्षित बताता है, इस आग ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंत्री ने कहा कि इस घटना से सावधानी और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है।
प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आए हादसे के कारण
इंदौर के पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के अनुसार, आग सबसे पहले चार्जिंग पॉइंट में हुए ब्लास्ट से लगी और फिर पूरे घर में फैल गई। घर में 10 से अधिक गैस सिलेंडर और ज्वलनशील रसायन रखे थे, जिससे आग और अधिक विकराल हो गई। कई सिलेंडर भी फट गए, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई, जबकि तीन लोग सुरक्षित बाहर निकाले गए। पुलिस ने हादसे की पूरी जांच शुरू कर दी है और हादसे के सभी पहलुओं का पता लगाने का दावा किया है।


