MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक शादी का रिसेप्शन इस बार खास बन गया। इसकी वजह थी गैस सिलेंडर की किल्लत, जिसने पूरे खाने का मेन्यू बदलने पर मजबूर कर दिया। शुरू में 1200 से 1500 मेहमानों के लिए 15 से अधिक व्यंजन तैयार किए जाने थे, लेकिन गैस नहीं मिलने के कारण पारंपरिक दाल-बाफले परोसे गए। मैरिज गार्डन में गैस चूल्हों की जगह लकड़ी की भट्टियां जलाई गई और व्यंजन पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए।
मेन्यू बदलने की मजबूरी
जानकारी के अनुसार, इस रिसेप्शन के लिए लगभग 18 से 20 गैस सिलेंडरों की जरूरत थी। लेकिन एक दिन पहले ही सिलेंडर नहीं मिलने के कारण परिवार को बड़े फैसले लेने पड़े। दूल्हे रोहित ने बताया कि पूरी तैयारी पहले से की गई थी, लेकिन गैस की कमी ने अचानक मेन्यू बदलने को मजबूर कर दिया। अब मेहमानों के सामने पारंपरिक तरीके से बनाए गए दाल-बाफले पेश किए गए। इस बदलाव ने मेहमानों के अनुभव को भी नया मोड़ दिया।
देसी अंदाज में तैयार हुई दावत
रिसेप्शन की दावत अब चर्चा का विषय बन गई है। परिवार ने रातों-रात दाल-बाफले बनाने का निर्णय लिया और लकड़ी की भट्टियों पर पारंपरिक तरीके से व्यंजन तैयार किए। इस दौरान हर कदम पर सावधानी और परंपरा का ध्यान रखा गया। मेहमानों ने भी इस देसी अंदाज में तैयार की गई दावत का भरपूर आनंद लिया और इसे खास अनुभव बताया।
मजबूरी ने बनाई खास पहचान
गैस संकट ने शादी के रिसेप्शन को अनोखा बना दिया। जहां अन्य शादीयों में आमतौर पर गैस चूल्हों पर बने व्यंजन परोसे जाते हैं, वहीं इस शादी में मजबूरी ने पारंपरिक दाल-बाफले को खास पहचान दिलाई। यह घटना भोपाल के समाज और मीडिया में भी चर्चा का विषय बन गई है। कई लोग इसे एक यादगार और अनोखी शादी की मिसाल बता रहे हैं।


