MP News: बुधवार दोपहर इंदौर में प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया जब डिविजनल कमिश्नर के ऑफिस के आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा ईमेल आया। ईमेल में कार्यालय और उसी इमारत में स्थित लेबर कमिश्नर कार्यालय को उड़ाने की धमकी दी गई थी। अधिकारियों ने जैसे ही दोपहर 12 बजे ईमेल देखा, तुरंत पुलिस को सूचित किया गया और दोपहर 2:10 बजे तक सुरक्षा एजेंसियां पूरी इमारत में तैनात हो गईं।
कार्यालयों का खाली कराना और पूरी जगह की जांच
सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दल और कुत्ते दल घटनास्थल पर पहुंचे। डिविजनल कमिश्नर और लेबर कमिश्नर के कार्यालयों को तुरंत खाली कराया गया। कर्मचारियों और आम जनता को सुरक्षित बाहर निकाला गया और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते हुए हर कमरे, गलियारे और आसपास के क्षेत्र की बारीकी से जांच की गई। राहत की बात यह रही कि कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं पाई गई।
साइबर सेल ने संभाली जांच और संदिग्ध की तलाश शुरू
अधिकारियों के अनुसार धमकी भरा ईमेल वास्तव में सुबह ही भेजा गया था, लेकिन दोपहर में ही इसकी पहचान हुई। उपायुक्त सपना लोवंशी ने बताया कि मामले को साइबर सेल को सौंपा गया है। जांच एजेंसियां ईमेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी विश्लेषण कर रही हैं। डिजिटल फॉरेंसिक तकनीक का उपयोग कर आरोपी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
ईमेल में तमिलनाडु राजनीति और विदेशी फंडिंग का उल्लेख
ईमेल में राजनीतिक टिप्पणी भी की गई थी। इसमें कार्यालय कर्मचारियों को “पाकिस्तानी जासूस” कहा गया और तमिलनाडु की राजनीति, डीएमके सरकार और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। इसके साथ ही कुछ ट्रस्ट पर विदेशी फंडिंग के जरिए विशेष एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया गया। ईमेल में यह दावा किया गया कि विदेशी हितों से प्रेरित संगठन तमिलनाडु के कुछ ट्रस्टों को भारी दान भेजकर अपने एजेंडे को लागू कर रहे हैं।


