MP News: सोमवार को नगर निगम की आम बैठक के दौरान हंगामा देखने को मिला। बैठक की शुरुआत होते ही विपक्ष ने गौहत्या को लेकर सख्त रुख अपनाया और प्रशासन को सीधे सवालों के घेरे में ला दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि बूढ़ी बातों के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिससे विश्वास ही उठ गया कि क्या प्रशासन इस मामले में गंभीर है।
विपक्ष ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
विपक्ष की नेता शबीस्ता जाकी ने बैठक शुरू होते ही मोर्चा संभाला और प्रशासन को कई त्वरित और तीखे सवालों से घेरा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले की बैठकों में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, फिर भी दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। शबीस्ता ने विशेष रूप से आरोपियों के नाम लेते हुए कहा कि असलम कुरैशी (उर्फ़ असलम चांदा) सहित अन्य लोग संरक्षण प्राप्त कर रहे हैं और प्रशासन जानबूझकर मामले को टाल रहा है।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
विपक्ष ने सरकार स्तर पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट को तुरंत सदन में प्रस्तुत करने की मांग की। उनका तर्क था कि केवल रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर ही पूरे प्रकरण की सच्चाई उजागर होगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। विपक्ष ने जोर देकर कहा कि रिपोर्ट की गुप्तता मामले में अराजकता और संरक्षण की शंका को और बढ़ा रही है।
बैठक में हुई तीखी बहस और सदन का तनावपूर्ण माहौल
इस मुद्दे पर बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। हंगामे और तीखे वाद-विवाद के कारण सदन का माहौल कुछ समय के लिए अत्यंत तनावपूर्ण हो गया। कई सदस्यों ने आरोप-प्रत्यारोप के बीच अपनी चिंता जताई और कहा कि यदि प्रशासन कार्रवाई में गंभीर नहीं हुआ तो मामला राजनीतिक विवाद का रूप ले सकता है। यह विवाद प्रशासन की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा करता है।


