MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने के मुद्दे पर सियासत गरम हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इस विषय को लेकर “पोस्टर राजनीति” शुरू कर दी है। पार्टी ने बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन के पुराने ट्वीट का हवाला देते हुए बीजेपी सरकार और सेलेब्रिटी जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं। इस कदम के जरिए कांग्रेस ने रुपया गिरावट को केवल आर्थिक विषय नहीं बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र बना दिया है।
सड़क किनारे लगे पोस्टर और जनता की नजरें
सोमवार की सुबह शहर के व्यस्त रेगल चौराहा पर कांग्रेस नेताओं विवेक खंडेलवाल और गिरीश जोशी के लगाए पोस्टर चर्चा का केंद्र बने रहे। इन पोस्टरों में लिखा था कि जो भी अमिताभ बच्चन को रुपया गिरावट पर प्रतिक्रिया देने या ट्वीट करने के लिए प्रेरित करेगा, उसे 51,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इस पोस्टर अभियान से पूरे शहर में हलचल मची और सोशल मीडिया पर भी लोग इस पर प्रतिक्रिया देने लगे।
अमिताभ की चुप्पी पर उठे सवाल
कांग्रेस का दावा है कि 2013 में जब रुपया डॉलर के मुकाबले लगभग 60 के स्तर पर था, तब अमिताभ बच्चन ने सार्वजनिक रूप से चिंता व्यक्त की थी। लेकिन अब जब रुपया 94 के स्तर तक पहुंच गया है, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाया कि क्या अब देश की अर्थव्यवस्था और मुद्रा की गिरावट उनके लिए चिंता का विषय नहीं रही। पार्टी का कहना है कि इस चुप्पी से बड़े सेलिब्रिटी की जिम्मेदारी पर भी प्रश्न उठता है।
बीजेपी का जवाब: राजनीतिक स्टंट
वहीं, बीजेपी ने इस पूरे मामले को “राजनीतिक स्टंट” बताते हुए खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि ऐसे पोस्टरों के जरिए कांग्रेस असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। बीजेपी नेताओं के अनुसार, रुपया गिरने के पीछे मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां हैं, न कि केवल घरेलू नीतियां। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा केवल एक सियासी बहस के रूप में प्रस्तुत किया गया है, वास्तविक समस्या नहीं है।


