गुरुवार को CM Mohan Yadav छिंदवाड़ा और नवगठित पंढरना जिले में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। दोनों जिलों के समग्र विकास की गति को और तेज करने के लिए मुख्यमंत्री भूमि पूजन और कई निर्माण कार्यों का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम के दौरान वे छिंदवाड़ा के पुलिस ग्राउंड में आमजन को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री 105 निर्माण परियोजनाओं का उद्घाटन और भूमि पूजन करेंगे, जिनकी कुल लागत 506.29 करोड़ रुपये है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ‘संबल’ और पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को ‘सिंगल-क्लिक’ डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से वित्तीय सहायता भी प्रदान करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौरई के सिहोरा माल में आयोजित सहस्र कुंडीय यज्ञ में भाग लेंगे।
नवगठित पंढरना जिले में मुख्यमंत्री 67 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और भूमि पूजन करेंगे, जिनकी अनुमानित लागत 362.80 करोड़ रुपये है। यह पहल जिले के समग्र विकास को नई ऊर्जा देगी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री 34 परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनकी कुल लागत 111.63 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं से विभिन्न सरकारी विभागों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और आम जनता को सीधे लाभ मिलेगा। पंढरना फ्लाईओवर, जो लोक निर्माण विभाग (ब्रिज कंस्ट्रक्शन विंग) द्वारा 30.5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया गया है, शहरी यातायात को सुगम बनाएगा, यात्रा समय घटाएगा और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
33 नई विकास परियोजनाओं के लिए भूमि पूजन
मुख्यमंत्री 33 नई विकास परियोजनाओं के लिए भूमि पूजन भी करेंगे, जिनकी अनुमानित लागत 251.17 करोड़ रुपये है। इनमें से तीन प्रमुख परियोजनाएं—कलेक्टर कार्यालय, जिला अस्पताल और पुलिस अधीक्षक कार्यालय—एमपी बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा 69.49 करोड़ रुपये की लागत से संचालित की जा रही हैं। ये संस्थान नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के साथ जिले की प्रशासनिक संरचना, स्वास्थ्य ढांचे और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
राम नवमी पर हनुमान जन्मोत्सव का शुभारंभ
मुख्यमंत्री राम नवमी के अवसर पर जमसानवाली धाम में 2026 हनुमान जन्मोत्सव का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री एमपी पर्यटन विभाग द्वारा विकसित ‘हनुमान लोक’ परियोजना और मंदिर ट्रस्ट द्वारा निर्मित नए सभागार का लोकार्पण करेंगे। हनुमान लोक परियोजना केवल मंदिर परिसर का विस्तार नहीं है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक और प्राचीन परंपराओं के सामंजस्य का जीवंत उदाहरण है। लगभग 30 एकड़ में फैली यह परियोजना राज्य में प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रही है।


