MP News: रतलाम जिले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर 17 वर्षीय छात्रा से छेड़छाड़ का गंभीर आरोप सामने आया है। यह घटना शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के बाहर उस समय हुई जब छात्रा अपने कक्षा 12वीं के प्रोजेक्ट को जमा करने जा रही थी। आरोप है कि स्कूल में हिन्दी पढ़ाने वाले शिक्षक कैलाश भाटी ने बाहर ही छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार किया। छात्रा के अनुसार यह घटना अचानक हुई जिससे वह डर गई और तुरंत प्रतिक्रिया दी। इस घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और कालूखेड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छात्रा की शिकायत और एफआईआर में दर्ज पूरी कहानी
छात्रा ने अपनी शिकायत में बताया कि वह वर्तमान में जावरा की एक अकादमी में प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट की तैयारी कर रही है। 26 मार्च 2026 को वह सुबह लगभग 9 बजकर 45 मिनट पर स्कूल प्रोजेक्ट जमा करने जा रही थी। उसी दौरान स्कूल के बाहर शिक्षक से उसकी मुलाकात हुई। आरोप है कि शिक्षक ने गलत नीयत से उसके शरीर को छुआ। छात्रा ने तुरंत उसका हाथ हटाया लेकिन स्थिति और बिगड़ गई। छात्रा के बयान के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
धमकी और लगातार संपर्क से बढ़ा डर का माहौल
छात्रा ने यह भी बताया कि घटना के बाद आरोपी शिक्षक ने उसे धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा। इस धमकी के कारण छात्रा डर गई और उसने तत्काल किसी को कुछ नहीं बताया। वह स्कूल के अंदर चली गई और फिर घर लौटने के बाद भी चुप रही। बाद में वह जावरा अपनी कोचिंग के लिए चली गई। वहां बस स्टैंड पर भी आरोपी शिक्षक उसे मिला और उसने साथ चलने को कहा। छात्रा ने मना कर दिया लेकिन आरोपी लगातार संपर्क में बना रहा और मोबाइल पर मैसेज भी भेजे। इस लगातार दबाव और डर के माहौल ने छात्रा को मानसिक रूप से प्रभावित किया।
परिवार को जानकारी देने के बाद पुलिस कार्रवाई और जांच शुरू
काफी समय तक डर के कारण चुप रहने के बाद छात्रा ने हिम्मत जुटाकर अपने परिवार को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिवार ने उसे थाने ले जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी शिक्षक कैलाश भाटी के खिलाफ बीएनएस की धारा 74 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 7 और 8 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि स्कूलों में सुरक्षा और छात्रों के संरक्षण को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।


