MP News: रतलाम जिले के पिपलोदा थाना क्षेत्र में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग बनाने की एक संगठित और गुप्त फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह अवैध लैब बोरखेड़ा गांव के कृषि क्षेत्रों के बीच स्थित एक सुनसान पोल्ट्री फार्म में संचालित हो रही थी। पुलिस को इस बारे में विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी जिसके आधार पर सोमवार और मंगलवार की मध्य रात्रि लगभग तीन बजे संयुक्त टीम ने छापा मारा। इस कार्रवाई में पिपलोदा पुलिस और जावरा साइबर सेल की टीम शामिल थी। ऑपरेशन का नेतृत्व एसडीओपी संदीप मालवीय और थाना प्रभारी रमेश कोली ने किया। छापेमारी के दौरान मौके पर ही तीन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जो सक्रिय रूप से ड्रग निर्माण की प्रक्रिया में लगे हुए थे। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और लंबे समय से चल रहे इस अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया।
मौके से भारी मात्रा में ड्रग और केमिकल बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लगभग 600 ग्राम तैयार एमडी ड्रग और 100 किलोग्राम से अधिक संदिग्ध रासायनिक पदार्थ जब्त किए गए हैं। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इन रसायनों का उपयोग अवैध रूप से नशीले पदार्थों के निर्माण में किया जा रहा था। हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से बरामद सामग्री और आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और विस्तृत ब्रीफिंग जल्द ही जारी की जाएगी। बरामदगी की मात्रा इस बात का संकेत देती है कि यहां बड़े स्तर पर उत्पादन किया जा रहा था और संभवतः यह किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है।
कुछ महीनों में दूसरी बड़ी सफलता
यह कार्रवाई रतलाम पुलिस की पिछले ढाई महीनों में दूसरी बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे पहले 16 जनवरी को जावरा क्षेत्र के कालुखेड़ा थाना अंतर्गत चिकलाना गांव में भी एक अवैध एमडी ड्रग निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया था। उस समय पुलिस ने एक मकान पर रात लगभग एक बजे छापा मारा था जो एक मस्जिद के पीछे स्थित था। यह मकान दिलावर खान पठान का बताया गया था और वहां करीब एक साल से अवैध गतिविधियां चल रही थीं। उस छापेमारी में पुलिस ने 10 किलोग्राम से अधिक एमडी ड्रग, बड़ी मात्रा में केमिकल ड्रम, निर्माण उपकरण, एक 12 बोर बंदूक, 91 जिंदा कारतूस, दो मोर और चंदन की लकड़ियां भी बरामद की थीं। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में ड्रग निर्माण और तस्करी का नेटवर्क काफी गहराई तक फैला हुआ है और पुलिस उस पर लगातार शिकंजा कस रही है।
पूछताछ जारी और नेटवर्क की तलाश
वर्तमान में बोरखेड़ा मामले में गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी आरोपियों के नाम और उनके पूरे नेटवर्क का खुलासा पूरी तरह से नहीं किया गया है क्योंकि जांच कई स्तरों पर जारी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध फैक्ट्री के पीछे कौन लोग हैं और इस नेटवर्क का संचालन किस स्तर पर किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच के आधार पर यह संभावना जताई जा रही है कि यह किसी बड़े संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है जो राज्य या अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा और इस अवैध कारोबार से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


