MP News: मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास फिलहाल 65 विधायक हैं, लेकिन राज्यसभा चुनाव से पहले पार्टी की स्थिति लगातार कमजोर होती नजर आ रही है। Madhya Pradesh की राजनीति में इस समय अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। श्योपुर जिले के विजयपुर से विधायक Mukesh Malhotra की विधायकी पर संकट मंडरा रहा है और उन्हें मतदान से भी रोका गया है। वहीं बीना से विधायक Nirmala Sapre दलबदल के आरोपों में घिरी हुई हैं, जिससे कांग्रेस का गणित और उलझ गया है।
राजेंद्र भारती की सजा ने बढ़ाई मुश्किलें
दतिया से विधायक Rajendra Bharti को आर्थिक अनियमितता के मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई है, जिससे उनकी सदस्यता पर खतरा मंडरा रहा है। हालांकि उनके पास अपील का विकल्प है, लेकिन यदि सजा पर स्थगन नहीं मिलता या सशर्त राहत मिलती है, तो कांग्रेस के लिए स्थिति और कठिन हो सकती है। इस पूरे घटनाक्रम ने पार्टी की रणनीति को झटका दिया है, खासकर तब जब राज्यसभा चुनाव बेहद नजदीक हैं।
तीन सीटों के लिए चुनाव, बढ़ा क्रॉस वोटिंग का डर
जून 2026 में राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें भाजपा के Sumer Singh Solanki और George Kurian की सीटें शामिल हैं, जबकि एक सीट कांग्रेस के Digvijaya Singh की है। विधानसभा में भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जिससे वह दो सीटें आसानी से जीत सकती है। कांग्रेस के पास एक सीट जीतने का मौका है, लेकिन हालात को देखते हुए यह भी आसान नहीं लग रहा। हरियाणा और बिहार में हुई क्रॉस वोटिंग की घटनाओं ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है।
सियासी आरोप-प्रत्यारोप और बढ़ता तनाव
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भाजपा कांग्रेस विधायकों को तोड़ने और खरीदने की कोशिश कर रही है। जब इसमें सफलता नहीं मिलती, तो पुराने मामलों को सक्रिय कर दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ विधायकों के खिलाफ अचानक कार्रवाई शुरू कर उन्हें चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने की कोशिश की जा रही है। इन आरोपों के बीच राज्य की राजनीति में तनाव बढ़ गया है और आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सस्पेंस गहरा गया है।


