MP News: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मॉडल हर्षा रिछारिया ने 19 अप्रैल को गृहस्थ जीवन का त्याग कर संन्यास ग्रहण कर लिया है। यह धार्मिक परिवर्तन उज्जैन में विधिवत संस्कारों के साथ संपन्न हुआ। उन्होंने मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज के सानिध्य में संन्यास की दीक्षा ली। इस दौरान उन्होंने पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध जैसी परंपरागत धार्मिक क्रियाएं पूरी कीं। पूरे कार्यक्रम में संत समाज और श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति देखी गई।
विधिवत संस्कारों के बाद मिला नया नाम
संन्यास की परंपरा के अनुसार हर्षा रिछारिया को शिखा और दंड त्याग की विधि कराई गई। इसके बाद उन्होंने सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरे कर संन्यास जीवन को अपनाया। इस मौके पर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने उन्हें नया नाम “स्वामी हर्षानंद गिरि” प्रदान किया। यह नामकरण उनके नए आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है। इस दौरान माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक और भक्ति भाव से भरा हुआ था और संतों ने उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।
संन्यास के बाद दिया जीवन समर्पण का संदेश
संन्यास ग्रहण करने के बाद स्वामी हर्षानंद गिरि ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह उनके जीवन का एक नया अध्याय है। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह मार्ग अपने गुरुदेव के मार्गदर्शन में चुना है। उनका कहना है कि अब वे अपना पूरा जीवन सनातन धर्म और समाज सेवा को समर्पित करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य अब केवल आध्यात्मिक मार्ग पर चलकर समाज के कल्याण में योगदान देना है। उनके इस निर्णय को लेकर कई लोगों ने आश्चर्य और श्रद्धा दोनों व्यक्त की हैं।
झांसी से लेकर भोपाल तक का सफर
हर्षा रिछारिया मूल रूप से उत्तर प्रदेश के झांसी की रहने वाली हैं लेकिन वर्तमान में उनका परिवार भोपाल में निवास करता है। उनके पिता दिनेश बस कंडक्टर के रूप में कार्यरत हैं जबकि उनकी मां किरण रिछारिया एक बुटीक चलाती हैं। उनका भाई कपिल निजी क्षेत्र में नौकरी करता है। सोशल मीडिया से पहचान बनाने के बाद अब उनके संन्यास लेने का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है और लोग इसे उनके जीवन का बड़ा आध्यात्मिक मोड़ मान रहे हैं।


