MP News: इंदौर शहर में पुलिस कस्टडी के दौरान हुई एक संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बाणगंगा थाना क्षेत्र की भागीरथपुरा चौकी में पूछताछ के लिए लाए गए एक युवक की अचानक मौत हो गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय रामजी झा के रूप में हुई है, जिसे मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में हिरासत में लिया गया था। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों देखने को मिल रहे हैं। पुलिस कस्टडी में हुई इस मौत ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूछताछ के दौरान बिगड़ी हालत, अस्पताल में तोड़ा दम
पुलिस के अनुसार, रामजी झा से पूछताछ के दौरान उसने कथित रूप से फिनायल जैसे जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। बताया जा रहा है कि चौकी परिसर में रखे मटके के पास से उसने यह कदम उठाया, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होते देख पुलिस ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस पूरी घटना ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर हिरासत में रहते हुए ऐसा कैसे संभव हुआ।
पहले से दर्ज थे कई मामले, जांच में जुटी पुलिस
बाणगंगा थाना प्रभारी के अनुसार, मृतक रामजी झा शीतल नगर का निवासी था और उसके खिलाफ पहले से चोरी और अवैध शराब बिक्री जैसे तीन मामले दर्ज थे। पुलिस उसे केवल पूछताछ के लिए चौकी पर लाई थी और तस्दीक के लिए उसके घर भी ले जाया गया था। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर गिरी गाज, दो पुलिसकर्मी निलंबित
इस संवेदनशील मामले में प्रारंभिक जांच के बाद लापरवाही के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कदम पुलिस विभाग की जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हालांकि, इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह आत्महत्या का मामला है या पुलिस की लापरवाही का नतीजा। पूरी सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ पाएगी, लेकिन फिलहाल यह मामला पुलिस प्रणाली की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल बन गया है।


