मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में मुलताई नगर परिषद अध्यक्ष पद पर बीजेपी प्रत्याशी का चुनाव बहाल कर दिया है। अदालत ने निर्वाचन न्यायाधिकरण के निर्णय को खारिज कर दिया जो BJP के विजयी प्रत्याशी के चुनाव को रद्द करता था। यह आदेश इस आरोप के आधार पर दिया गया था कि चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई थी जिसमें विजयी प्रत्याशी को कांग्रेस पार्षदों के वोट मिले थे
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन न्यायाधिकरण ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर निर्णय लिया था। अदालत ने कहा कि न्यायाधिकरण को राजनीतिक दलों का आंतरिक नियंत्रण या नैतिक आचरण देखने का अधिकार नहीं है
कोर्ट ने कहा कि यदि कांग्रेस पार्षदों द्वारा क्रॉस वोटिंग हुई थी तो यह संबंधित राजनीतिक दल का मुद्दा हो सकता था न कि चुनाव परिणाम को स्वतः रद्द करने का आधार। न्यायाधिकरण ने इस आधार पर निर्णय को खारिज कर दिया।
फैसले में अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचन न्यायाधिकरण राजनीतिक दल या बीजेपी पार्टी प्राधिकरण की भूमिका में नहीं आ सकता। क्रॉस वोटिंग से असहमत पक्षों के लिए राजनीतिक या कानूनी प्रक्रिया अलग हो सकती है
इस फैसले से मुलताई नगर परिषद अध्यक्ष पद पर बीजेपी प्रत्याशी का चुनाव फिर से वैध हो गया है। स्थानीय निकाय चुनावों और निर्वाचन विवादों में यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जाता है


