अलीराजपुर में 4 करोड़ का नया घोटाला उजागर शिक्षा घोटाले के बाद बढ़ी सनसनी

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा में भ्रष्टाचार और सरकारी धन का दुरुपयोग लगातार होता जा रहा है आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था में एक और बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है जबकि 18 करोड़ रुपये के शिक्षा विभाग घोटाले की चर्चा अभी भी शांत नहीं हुई है। रविवार देर शाम पुलिस ने संस्था के तीन पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लगभग चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है

परीक्षण से पता चला कि आरोपियों ने बैंक के सीबीएस सिस्टम में चोरी करके फर्जी आईडी से गलत प्रविष्टियां की थीं इन लोगों ने कागजों पर किसानों की निर्धारित ऋण सीमा से कहीं अधिक धन का वितरण किया और वित्तीय अनियमितताएं कीं। इतना ही नहीं भोले भाले किसानों ने अपना कर्ज चुकाने के लिए पैसे जमा किए लेकिन अधिकारियों ने उन्हें उनके खातों में डालने के बजाय खुद डकार दी कुल मिलाकर 3,99,05,661 रुपये की सरकारी धनराशि लूटी गई है

पुलिस ने यह कदम उठाया है उदय सिंह चौहान द्वारा कट्ठीवाड़ा थाने में दिए गए लिखित आवेदन और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद मामले में नामजद किए गए आरोपियों में निम्नलिखित हैं
गिरधारी लाल राठौड़ संस्था प्रबंधक शाखा पर्यवेक्षक और पूर्व शाखा प्रबंधक
निर्भय सिंह तोमर बड़ी सर्दी निवासी पूर्व शाखा प्रबंधक (कट्ठीवाड़ा)
रमेश भूरिया केवड़ा निवासी समिति प्रबंधक
इन तीनों पर गंभीर आरोप हैं कि वे अपने पद का दुरुपयोग करते हैं और सरकारी धन को बर्बाद करते हैं

जिला प्रशासन और बैंक मुख्यालय से मिले कड़े निर्देशों के बाद कट्ठीवाड़ा पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 409 (लोक सेवक द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। इस बड़े आर्थिक अपराध की विस्तृत विवेचना की जिम्मेदारी उप-निरीक्षक लालू सिंह भूरिया को सौंपी गई है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस खेल में क्या कुछ और लोग भी शामिल थे।
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