MP News: इंदौर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित पीथमपुर के सेक्टर तीन में देर रात उस समय अफरा तफरी मच गई जब हजारगो कंपनी में भीषण आग लग गई। यह कंपनी वेस्ट मैनेजमेंट और केमिकल कचरे के निपटान का काम करती है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों के साथ काले धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई देने लगा जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई।
केमिकल ड्रमों में धमाकों से बढ़ी आग की भयावहता
आग लगने के बाद स्थिति और अधिक गंभीर हो गई जब कंपनी में रखे केमिकल से भरे ड्रमों में लगातार धमाके होने लगे। इससे आग और तेजी से फैल गई और आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक पहुंच गई। फैक्ट्री में काम कर रहे दस मजदूरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। इसके बावजूद आग ने तेजी से फैलकर पास की रेलवे और डिफेंस सप्लायर कंपनियों के शेड को भी अपनी चपेट में ले लिया जिससे नुकसान और बढ़ गया।
रातभर चला रेस्क्यू अभियान आग पर नहीं पाया गया पूरी तरह काबू
आग लगने की सूचना मिलते ही धार और इंदौर सहित आसपास के क्षेत्रों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। हालांकि आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि सुबह पांच बजे तक भी उस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। मौके पर एसडीआरएफ की टीम भी देर रात पहुंची और राहत कार्यों में जुट गई। घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर तक आग की लपटें और धुएं के बादल देखे जा रहे थे जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
करोड़ों का नुकसान उत्पादन ठप सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस भीषण आग की चपेट में स्लीपलूप इंडिया और गलार्ड स्टील लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियां भी आ गईं जिससे उनके बड़े प्लांट और मशीनें पूरी तरह जल गईं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। दोनों कंपनियां डिफेंस और रेलवे सेक्टर के लिए सप्लाई करती हैं लेकिन आग के कारण उनका उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। उद्योगपतियों ने फायर ब्रिगेड की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पीथमपुर जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में आधुनिक अग्निशमन उपकरणों की कमी गंभीर चिंता का विषय है।


