MP News: कटनी में बारात पर पुलिस का लाठीचार्ज, शादी की खुशियां बनीं मातम में तब्दील

MP News: मध्य प्रदेश के कटनी जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां खुशियों के माहौल में अचानक अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया। कुठला थाना क्षेत्र के इंद्रा नगर में दलित चौधरी समाज की शादी के दौरान पुलिस और बारातियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसा तक पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सजी-धजी बारात जब सड़क से गुजर रही थी और लोग नाच-गाने में व्यस्त थे, तभी पुलिस और कुछ बारातियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस झगड़े में बदल गई और पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई।

बारातियों और वधू पक्ष पर लाठीचार्ज, कई घायल

घटना के दौरान पुलिस ने न केवल बारातियों बल्कि वधू पक्ष के लोगों पर भी जमकर लाठियां बरसाईं। लड़की के भाई आकाश चौधरी ने बताया कि बारात मैहर जिले के अमदरा से आई थी और सब कुछ सामान्य चल रहा था। लेकिन अचानक विवाद के बाद पुलिस ने लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि बाद में पुलिसकर्मी लड़की वालों के घर तक पहुंच गए और वहां भी मारपीट की गई। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि शादी समारोह बीच में ही रुक गया और परिवार को अपनी खुशी छोड़कर न्याय की गुहार लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय जाना पड़ा।

दूल्हे के परिवार का आरोप, पुलिस ने की बदसलूकी और गाली-गलौज

दूल्हे के भाई अजय चौधरी ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने बारातियों के साथ न केवल मारपीट की बल्कि उन्हें अपशब्द भी कहे। उनका कहना है कि जब बारात में शामिल लोगों ने विरोध किया तो पुलिस और ज्यादा आक्रामक हो गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मियों की कार्रवाई साफ देखी जा सकती है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ गया है और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और अमानवीय थी।

पुलिस का पक्ष और जांच की मांग

वहीं इस पूरे मामले में कटनी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डहरिया ने पुलिस का पक्ष रखते हुए कहा कि बाराती नशे में थे और तेज डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था। उनके अनुसार, पड़ोसियों ने डायल 112 पर शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस पर पथराव किया गया था, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया गया। हालांकि पीड़ित पक्ष इन दावों को खारिज कर रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है और सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है कि आखिर सच्चाई क्या है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी।

लेटेस्ट न्यूज़
- Advertisment -

धार्मिक

error: Content is protected !!