MP News: दमोह में घोड़ी चढ़ाई पर हमला, दूल्हे को पीटकर उतारा नीचे दबंगों ने

MP News: मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद चिंताजनक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। हटा थाना क्षेत्र के बिजोरी पाठक गांव में एक शादी समारोह उस समय हिंसा में बदल गया, जब दलित समाज के दूल्हे की घोड़ी चढ़ाई के दौरान कुछ दबंगों ने हमला कर दिया। परंपरागत रछवाई की रस्म निभाते समय दूल्हा पूरे रीति-रिवाज के साथ घोड़ी पर सवार था, तभी अचानक कुछ लोगों ने उसे जबरन नीचे उतारने की कोशिश की। जब परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया तो माहौल तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया। यह घटना न केवल एक परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बन गई है।

दूल्हे और परिवार पर बेरहमी से हमला, बहन भी बनी शिकार

हमलावरों ने दूल्हे गोलू अहिरवार को जबरन घोड़ी से उतारकर उसके साथ लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की। इस दौरान दूल्हे की बहन मनीषा भी हिंसा की चपेट में आ गई। उसने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके जेवर भी गायब हो गए। अचानक हुए इस हमले से गांव में अफरा-तफरी मच गई और शादी का माहौल पूरी तरह से डर और दहशत में बदल गया। परिजनों के मुताबिक दूल्हा दिव्यांग है, इसके बावजूद आरोपितों ने उस पर कोई रहम नहीं दिखाया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो घटना की गंभीरता को और स्पष्ट करता है।

पुलिस तैनात, सुरक्षा के बीच निकली बारात

घटना के बाद पीड़ित परिवार तुरंत हटा थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया और गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई, जिसके बाद दूल्हे की बारात को सुरक्षित तरीके से छतरपुर जिले के बक्सवाहा क्षेत्र स्थित बूढ़ी सेमरा गांव के लिए रवाना किया गया। पुलिस की मौजूदगी में ही आगे की रस्में पूरी कराई गईं, ताकि किसी प्रकार की और अप्रिय घटना न हो सके। हालांकि इस घटना ने गांव में तनाव का माहौल बना दिया है।

आरोपितों पर केस दर्ज, न्याय की मांग तेज

थाना प्रभारी सुधीर कुमार बेगी के अनुसार, आरोपितों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपितों की तलाश की जा रही है। पीड़ित परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना समाज में अब भी मौजूद भेदभाव और असहिष्णुता की गंभीर तस्वीर पेश करती है। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक ऐसे मामलों में निर्दोष लोगों को अपनी खुशियों की कीमत चुकानी पड़ेगी। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह इस मामले में जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करेगा।

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