MP News: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने किसानों के हित में एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश में किसी भी किसान की जमीन अधिग्रहण किए जाने पर उसे गाइडलाइन मूल्य का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। यह निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया और बाद में मुख्यमंत्री ने इसे अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक किया। उन्होंने इस फैसले को ‘अद्भुत, अकल्पनीय और ऐतिहासिक’ बताते हुए कहा कि इससे किसानों को उनकी जमीन का वास्तविक और सम्मानजनक मूल्य मिलेगा।
पुरानी व्यवस्था में था कम मुआवजा, अब बदला सिस्टम
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 से किसानों को गाइडलाइन दर का दोगुना मुआवजा दिया जा रहा था, जो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लागू था। लेकिन व्यवहारिक स्तर पर गाइडलाइन दर कम होने के कारण किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह बड़ा बदलाव किया है। अब मुआवजे को दोगुना से बढ़ाकर चार गुना कर दिया गया है, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
विकास परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, किसानों को होगा फायदा
सरकार के इस फैसले का सीधा असर राज्य की विकास परियोजनाओं पर भी पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाएं, सड़क निर्माण, पुल, रेलवे लाइन और बांध जैसी महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाओं को तेजी मिलेगी। भूमि अधिग्रहण में आने वाली बाधाएं कम होंगी और लंबे समय से रुकी हुई परियोजनाएं तेजी से पूरी हो सकेंगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से विकास और किसान दोनों साथ-साथ आगे बढ़ेंगे और राज्य की प्रगति को नई दिशा मिलेगी।
किसानों को विकास का भागीदार बनाने की पहल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता किसानों का कल्याण है। इस फैसले के जरिए किसानों को विकास प्रक्रिया का भागीदार बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कई पुरानी परियोजनाएं केवल भूमि अधिग्रहण की वजह से वर्षों से लंबित थीं, जिन्हें अब गति मिलेगी। सरकार ने किसानों को बोनस बढ़ाकर देने और गेहूं खरीद जैसे कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल किसानों के हित में है बल्कि राज्य के समग्र विकास के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करेगा।


