MP News: दिवाली से पहले बड़ा बदलाव क्या मध्य प्रदेश में लागू होगा समान नागरिक संहिता कानून

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By Input Published On: April 28, 2026
MP News: दिवाली से पहले बड़ा बदलाव क्या मध्य प्रदेश में लागू होगा समान नागरिक संहिता कानून

MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। इस उद्देश्य से 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है जो इस कानून का मसौदा तैयार करेगी। भोपाल से जारी आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि छह महीने के भीतर UCC बिल का ड्राफ्ट तैयार किया जाए। सरकार का लक्ष्य इस साल दिवाली तक इस कानून को लागू करना है। यह कदम राज्य में एक समान कानून व्यवस्था लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उच्च स्तरीय समिति का गठन और जिम्मेदारियां तय

इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जज रंजना प्रसाद देसाई करेंगी। समिति में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, कानूनी विशेषज्ञ अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा और समाजसेवी बुधपाल सिंह को शामिल किया गया है। इन सभी सदस्यों को कानून के विभिन्न पहलुओं का गहराई से अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई है। समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रस्तावित कानून न्यायसंगत और सभी वर्गों के लिए संतुलित हो।

60 दिनों में रिपोर्ट और ड्राफ्ट तैयार करने का लक्ष्य

सरकार ने समिति को निर्देश दिया है कि वह 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और UCC का प्रारंभिक मसौदा तैयार कर प्रस्तुत करे। इस दौरान समिति उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में लागू मॉडल का अध्ययन करेगी। इसके अलावा आम जनता, धार्मिक और सामाजिक संगठनों तथा विधि विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए जाएंगे। यह प्रक्रिया कानून को अधिक व्यापक और व्यवहारिक बनाने के लिए अपनाई जा रही है ताकि भविष्य में किसी तरह की जटिलता से बचा जा सके।

सामाजिक और कानूनी पहलुओं पर विशेष फोकस

समिति विवाह, तलाक, भरण पोषण, उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव इन संबंधों से जुड़े मौजूदा कानूनों का विस्तृत अध्ययन करेगी। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रस्तावित कानून के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक प्रभावों का भी परीक्षण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य एक ऐसा कानून तैयार करना है जो सभी नागरिकों के लिए समान हो और समाज में संतुलन और न्याय सुनिश्चित कर सके।