MP Politics: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की कथित ऐतिहासिक बढ़त के बाद मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर में बेहद उत्साहित नजर आए। अपने निवास पर उन्होंने आए हुए लोगों और मीडिया कर्मियों का स्वागत बंगाली व्यंजन झालमुड़ी से किया और जीत का जश्न मनाया। माहौल जश्न भरा था लेकिन बातचीत जैसे ही बंगाल में उनके राजनीतिक संघर्षों पर पहुंची तो उनका भावनात्मक पक्ष सामने आ गया। कई सवालों के बीच वे भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं।
संघर्ष के दिनों को याद कर भावुक हुए कैलाश विजयवर्गीय
प्रेस वार्ता के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने अपने राजनीतिक संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उनके ऊपर गंभीर और झूठे आरोप लगाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि उन पर रेप और अन्य आपराधिक मामलों के आरोप लगे और कई फर्जी केस दर्ज किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन पर हमले हुए और हालात बेहद कठिन थे। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वे आज जीवित हैं तो इसके पीछे केंद्रीय नेतृत्व का समर्थन और गृहमंत्री अमित शाह की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
बंगाल को लेकर सुरक्षा और घुसपैठ पर बड़ा बयान
कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल की जीत को सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में पहले हालात असुरक्षित थे और अब जनता ने बदलाव का संकेत दिया है। उन्होंने घुसपैठ और अपराध से जुड़ी स्थितियों का जिक्र करते हुए दावा किया कि अब सीमावर्ती इलाकों में स्थिति बदल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस परिणाम से देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और सीमावर्ती राज्यों में बीजेपी की सरकार होना जरूरी है।
विपक्ष पर हमला और चुनावी प्रक्रिया पर टिप्पणी
विजयवर्गीय ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हार के बाद विपक्ष चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवाल उठा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई विपक्षी नेता परिणाम आने के बाद मैदान छोड़कर चले गए। उन्होंने बंगाल में चुनाव प्रक्रिया को लेकर कहा कि पिछले कई वर्षों में पहली बार वहां अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव देखने को मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले की तुलना में इस बार राजनीतिक हिंसा में कमी देखी गई।


