ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार 29 मई को उन्हें भोपाल स्थित सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां मामले की गंभीरता को देखते हुए रिमांड पर सुनवाई हुई। सीबीआई ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह दोनों की रिमांड बढ़ाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों को 5 दिन की अतिरिक्त पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 जून को दोपहर 2 बजे निर्धारित की गई है, जिसमें जांच एजेंसी आगे की प्रगति रिपोर्ट पेश करेगी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई
इस पूरे मामले में 28 मई को बड़ा मोड़ आया जब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। आदेश के अगले ही दिन सीबीआई टीम ने भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से पहले लगभग सात घंटे तक उनसे गहन पूछताछ की गई। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के 17 पन्नों के विस्तृत आदेश के आधार पर की गई, जिसमें कई अहम तथ्यों का जिक्र था। गुरुवार सुबह भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई ने पूरे न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी।
मेडिकल जांच और हिरासत में भेजे गए दोनों आरोपी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम ने गिरिबाला सिंह को भोपाल के मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में मेडिकल जांच के लिए ले जाया, जहां सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। इस प्रक्रिया के लिए मध्य प्रदेश पुलिस से विशेष अनुमति ली गई थी। इसके साथ ही मामले में पहले से गिरफ्तार किए गए ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह को भी जांच एजेंसी की हिरासत में रखा गया है। 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किए गए समर्थ सिंह को पहले ही इस मामले में मुख्य आरोपी माना जा रहा है और अब दोनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ की संभावना जताई जा रही है।
गर्भपात दबाव और चैट्स से सामने आए नए गंभीर खुलासे
हाईकोर्ट के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि ट्विशा शर्मा की मौत केवल आत्महत्या तक सीमित मामला नहीं प्रतीत होता। अदालत ने व्हाट्सऐप चैट्स और परिवार के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि मामले में गंभीर दबाव और मानसिक उत्पीड़न के संकेत मिले हैं। यह भी सामने आया है कि ट्विशा पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया था और वास्तव में गर्भपात हुआ भी था। ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं, जबकि उनकी शादी 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से हुई थी। मात्र पांच महीने के भीतर हुई इस मौत ने पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है, जिसकी जांच अब सीबीआई के हाथों में है।


