गुजरात के अहमदाबाद से सामने आए एक हाई प्रोफाइल मामले ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। नेहरूनगर इलाके में जमीन विवाद को लेकर रिटायर्ड डिप्टी एसपी अशोक सिंह चौहान ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से पांच राउंड फायरिंग कर दी। घटना 27 मई 2026 की बताई जा रही है। फायरिंग की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। मामला इतना गंभीर हो गया कि अहमदाबाद की सैटेलाइट पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूर्व अधिकारी उनके बेटे और बेटी को गिरफ्तार कर लिया। तीनों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पांच बीघा जमीन बना विवाद की वजह
जानकारी के अनुसार यह पूरा विवाद नेहरूनगर बस स्टैंड के पास मौजूद करीब पांच बीघा की कीमती जमीन को लेकर शुरू हुआ। रिटायर्ड DySP अशोक सिंह चौहान इस जमीन पर अपना कब्जा होने का दावा कर रहे थे। उन्होंने यह जमीन कुछ व्यापारियों को किराये पर दी थी जहां अस्थायी स्टॉल बनाकर बाजार चलाया जा रहा था। बाद में अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने बिना अनुमति बने स्टॉल हटाने का नोटिस जारी कर दिया। इसके बाद व्यापारियों ने जमीन के असली दस्तावेज मांगे लेकिन कथित तौर पर दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। तनाव लगातार बढ़ रहा था और आखिरकार यह विवाद हिंसक रूप ले बैठा।
गुस्से में की ताबड़तोड़ फायरिंग
बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन अशोक सिंह चौहान के बेटे और बेटी पहले मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद व्यापारियों से बहस करने लगे। कुछ ही देर बाद चौहान खुद अपनी लक्जरी कार से पहुंचे। उनके पास लाइसेंसी पिस्तौल थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले उन्होंने जमीन और हवा में तीन राउंड फायर किए ताकि सामने वाले डर जाएं। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका और बाद में दो और गोलियां शिकायतकर्ता अमित पटेल और उनके साथियों की तरफ चलाई गईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी को गोली नहीं लगी और सभी लोग बाल बाल बच गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पांच खाली कारतूस बरामद किए और आरोपी की कार तथा हथियार को जब्त कर लिया।
गिरफ्तारी का वीडियो हुआ वायरल
फायरिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद अशोक सिंह चौहान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में देखा गया कि पुलिस उन्हें लॉकअप की तरफ ले जा रही है और इस दौरान वह मीडिया कैमरों के सामने पुलिस तंत्र पर गंभीर आरोप लगाते नजर आए। उन्होंने कहा कि वह बहुत कुछ कहना चाहते हैं लेकिन पुलिस उन्हें बोलने नहीं दे रही। साथ ही उन्होंने भू माफियाओं और गुंडों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया। हालांकि पुलिस ने किसी भी आरोप पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फायरिंग की घटना के पीछे और कौन लोग शामिल थे। इस घटना ने एक बार फिर जमीन विवाद और कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


