MP News: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। लखनादौन से कांग्रेस विधायक योगेंद्र सिंह ‘बाबा’ राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से किसी कार्यक्रम के लिए गुजर रहे थे। उनके साथ गनमैन और ड्राइवर भी मौजूद थे। जैसे ही वाहन धूमा थाना क्षेत्र के बंजारी हाई स्कूल हर्बल गार्डन के सामने पहुंचा, अचानक एक गाय सड़क पर आ गई। चालक ने तुरंत ब्रेक लगाकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे एक स्कूल की दीवार से जोरदार टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीर भी घबरा गए।
टक्कर के बाद कार में लगी भीषण आग, अंदर फंसे रहे लोग
टक्कर लगते ही स्थिति और गंभीर हो गई जब वाहन में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते गाड़ी आग की लपटों में घिर गई। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि शुरुआती कुछ सेकंड तक वाहन का दरवाजा लॉक हो गया, जिससे अंदर बैठे विधायक और उनके साथी बाहर नहीं निकल पा रहे थे। इस दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए मदद शुरू की और किसी तरह तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा वाहन जलकर खाक हो गया। यदि थोड़ी भी देरी होती तो स्थिति जानलेवा साबित हो सकती थी।
विधायक सहित तीन लोग घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज
इस हादसे में विधायक योगेंद्र सिंह बाबा, उनके गनमैन और ड्राइवर को हल्की चोटें आई हैं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार सभी की स्थिति फिलहाल स्थिर है और खतरे से बाहर हैं। हालांकि हादसे की भयावहता को देखते हुए सभी लोग मानसिक रूप से काफी प्रभावित हुए हैं। वाहन पूरी तरह जलकर राख हो चुका है, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिस जांच में जुटी, सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया। दमकल विभाग ने भी तुरंत पहुंचकर आग पर काबू पाया। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है कि आग लगने की असली वजह क्या थी—क्या यह केवल टक्कर का परिणाम था या किसी तकनीकी खराबी की वजह से आग भड़की। इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं की समस्या और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सड़कों पर मवेशियों की आवाजाही पर नियंत्रण होता तो शायद यह हादसा टल सकता था।


