अन्नामलाई का बड़ा फैसला नई पार्टी बनाकर तमिल राजनीति में मचा हड़कंप

तमिलनाडु की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला जब के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के बाद अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा कर दी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि यह उनके जीवन का एक नया अध्याय है और अब वह एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत करने जा रहे हैं. अन्नामलाई ने अपने समर्थकों से इस यात्रा में साथ देने की अपील भी की. उनके इस फैसले से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसके बड़े राजनीतिक प्रभाव देखने की संभावना है.

साफ सुथरी राजनीति और परिवारवाद के खिलाफ नई सोच का दावा

अन्नामलाई ने कहा कि उनका उद्देश्य देश में साफ और पारदर्शी राजनीति की स्थापना करना है. उन्होंने यह भी बताया कि जब उनकी पार्टी का औपचारिक गठन होगा तो उसमें टर्म लिमिट जैसे सुधार शामिल किए जाएंगे ताकि राजनीति में परिवारवाद पर रोक लगाई जा सके. उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीति को जनता के हित में होना चाहिए न कि व्यक्तिगत या पारिवारिक लाभ के लिए. उनके इस बयान को राजनीतिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राजनीति को नए दृष्टिकोण से देखा जाए.

बीजेपी ने स्वीकार किया इस्तीफा और छह साल का साथ हुआ खत्म

भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को आधिकारिक रूप से अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. इसके साथ ही लगभग छह वर्षों का उनका बीजेपी से जुड़ाव समाप्त हो गया. हाल ही में उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष से मुलाकात की थी जहां उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा गया था. हालांकि उन्होंने अपना निर्णय नहीं बदला और आगे बढ़ने का फैसला किया. बीजेपी की तमिलनाडु इकाई में उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण माना जाता रहा है और उनके जाने से पार्टी को वहां संगठनात्मक चुनौती का सामना करना पड़ सकता है.

IPS से राजनीति तक का सफर और नई राजनीतिक पहचान की शुरुआत

के. अन्नामलाई ने 2020 में भारतीय पुलिस सेवा से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थामा था. अपनी तेज कार्यशैली और सख्त प्रशासनिक छवि के कारण वे जल्दी ही लोकप्रिय हो गए और समर्थकों के बीच उन्हें ‘सिंघम’ के नाम से जाना जाने लगा. 2021 में उन्हें बीजेपी की तमिलनाडु इकाई का अध्यक्ष बनाया गया था जहां उन्होंने संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. अब नई पार्टी के ऐलान के साथ उनके राजनीतिक करियर में एक नया मोड़ आ गया है और यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका अगला कदम तमिलनाडु की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है.

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