दरगाह में सो रहा था मासूम, सुबह खुली आंख तो गायब था बच्चा
किसी भी माता-पिता के लिए इससे बड़ा डर शायद ही कोई हो कि उनकी आंखों के सामने सो रहा बच्चा अचानक गायब हो जाए। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया, जहां छह माह के मासूम आयान को दरगाह परिसर से चुरा लिया गया। लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई ने कुछ ही घंटों में इस कहानी का सुखद मोड़ भी दिखा दिया।
बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे थे माता-पिता
सागर निवासी साहिल खान और उनकी पत्नी शाहीन खान अपने छह माह के बेटे आयान के साथ जावरा स्थित हुसैन टेकरी पहुंचे थे। परिवार कई दिनों से वहीं रुका हुआ था। 4 और 5 जून की दरम्यानी रात सब कुछ सामान्य था। लेकिन सुबह करीब चार बजे किसी ने सोते हुए दंपती के पास से मासूम को उठा लिया। कुछ मिनट बाद जब मां की आंख खुली तो बच्चा गायब था।
सीसीटीवी कैमरों ने खोला पूरा रास्ता
सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। जांच टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। एक कैमरे में महिला और पुरुष बच्चे को लेकर जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने करीब 250 कैमरों की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि आरोपित रतलाम से उज्जैन और फिर इंदौर की ओर बढ़े थे।
शिवपुरी में नाकेबंदी बनी मास्टरस्ट्रोक
रतलाम पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों को भी ट्रैक किया। तकनीकी जानकारी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अंदेशा हुआ कि आरोपित शिवपुरी की तरफ जा रहे हैं। सूचना मिलते ही शिवपुरी पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर वाहन चेकिंग शुरू कर दी। पूरनखेड़ी टोल प्लाजा पर देर रात चलाए गए अभियान में दोनों आरोपित पकड़ लिए गए और बच्चा सकुशल बरामद कर लिया गया।
राजस्थान के निकले आरोपित
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान राजस्थान के झालावाड़ निवासी रूपा रैगर और निजाम मंसूरी के रूप में हुई है। उनके साथ एक किशोर भी मौजूद था। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने दावा किया कि उसके कोई बेटा नहीं है और इसी वजह से उसने बच्चा चुराया। हालांकि पुलिस इस दावे पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर रही है।
बच्चा चोर गिरोह का एंगल भी जांच में
पुलिस का मानना है कि मामला केवल भावनात्मक कारणों से जुड़ा नहीं हो सकता। जांचकर्ताओं के अनुसार यदि आरोपित बच्चे को अपने पास रखना चाहते तो सीधे राजस्थान जाते। दिल्ली जाने की तैयारी और यात्रा के संकेत किसी बड़े नेटवर्क की ओर भी इशारा कर रहे हैं। इसलिए पुलिस मानव तस्करी और बच्चा चोर गिरोह के एंगल से भी जांच कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि सतर्क पुलिसिंग और तकनीक का सही उपयोग कितनी बड़ी सफलता दिला सकता है। एक परिवार को उसका मासूम वापस मिल गया, लेकिन इस मामले ने बच्चों की सुरक्षा और संभावित तस्करी नेटवर्क को लेकर कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच के अंतिम निष्कर्ष पर टिकी है।


