MP News: मध्य प्रदेश के भिण्ड जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। यह फैक्ट्री शहर के लहार रोड स्थित दुर्गा नगर इलाके की घनी आबादी के बीच एक मकान में संचालित की जा रही थी। पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि इलाके में अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने विशेष टीम का गठन किया और मामले की जांच शुरू कराई। सीएसपी निरंजन राजपूत के मार्गदर्शन में देहात थाना, बरोही थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गुप्त रूप से निगरानी की और आखिरकार उस मकान तक पहुंच गई जहां हथियार तैयार किए जा रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके पर ऐसा नजारा मिला जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस ने फैक्ट्री संचालित कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनके दो साथी मौके से फरार हो गए।
10 कट्टे, कारतूस और हथियार बनाने का सामान बरामद
पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और उपकरण बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार छह तैयार और चार अधबने 315 बोर के कट्टे बरामद हुए हैं। इसके अलावा दो जिंदा कारतूस 315 बोर और तीन कारतूस 12 बोर के भी मिले हैं। हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, ग्राइंडर, भट्टी, लोहे के पाइप, स्प्रिंग, रेतनी और हथौड़े सहित अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी रिश्ते में पिता और पुत्र हैं और दोनों लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल थे। पुलिस का मानना है कि बरामद सामान से और भी हथियार तैयार किए जा सकते थे। यही वजह है कि इस कार्रवाई को जिले में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस अब जब्त सामग्री की तकनीकी जांच भी करवा रही है ताकि पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आ सके।
उत्तर प्रदेश से बुलाए जाते थे कारीगर, कई गंभीर मामलों में दर्ज हैं केस
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि अवैध हथियार तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश से विशेष कारीगर बुलाए जाते थे। ये कारीगर कट्टों और अन्य हथियारों को तैयार करने में मदद करते थे, जिन्हें बाद में विभिन्न इलाकों में बेचा जाता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार पिता-पुत्र पहले से ही कई आपराधिक मामलों में आरोपी रहे हैं। उनके खिलाफ अवैध हथियार निर्माण, हथियार तस्करी, हत्या के प्रयास, डकैती की योजना और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। इससे साफ होता है कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं बल्कि एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह के तार किन-किन राज्यों और अपराधियों से जुड़े हुए हैं।
गानों के शोर में छिपाते थे फैक्ट्री की आवाज
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी बेहद चालाकी से इस अवैध कारोबार को चला रहे थे। हथियार बनाने के दौरान मशीनों और औजारों से होने वाली आवाज को छिपाने के लिए वे मकान में तेज आवाज में गाने बजाते थे ताकि पड़ोसियों को किसी तरह का संदेह न हो। यही वजह रही कि लंबे समय तक यह फैक्ट्री लोगों की नजरों से बची रही। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक तैयार कट्टों को 15 हजार से 20 हजार रुपये तक की कीमत में बेचा जाता था। अवैध हथियारों की यह सप्लाई अपराध जगत के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। पुलिस का मानना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से कई संभावित अपराधों को रोका जा सका है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए लगातार जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


