महिला क्रिकेटरों के लिए ऐतिहासिक फैसला एमपीसीए ने दी पेंशन और नए अवसरों की सौगात.

मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) ने अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी महिला क्रिकेटरों को पेंशन देने का निर्णय लिया है। उन्हें साढ़े बारह हजार रुपये की पेंशन दी जाएगी। यदि घरेलू खेल खेलते हैं तो कम से कम छह हजार रुपये पेंशन मिलेंगे।

एमपीसीए की प्रबंध समिति की बैठक में महाआर्यमन सिंधिया ने यह निर्णय लिया। सभा ने पूर्व महिला खिलाड़ियों को मासिक आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव पारित किया। संघ के मानद सचिव सुधीर असनानी ने बताया कि मासिक पेंशन राशि 6,000 से 12,500 रुपये तक होगी। इस योजना का लाभ सिर्फ बीसीसीआई की तरफ से पेंशन पाने वाली महिला खिलाड़ियों को मिलेगा। 75 वर्ष की उम्र पूरी होने पर अतिरिक्त साढ़े सात हजार रुपये मिलेंगे।

इस योजना में जल्द ही आवेदन मांगे जाएंगे। महिला खिलाड़ियों को सेवानिवृत्ति के बाद एमपीसीए पेंशन मिलेगी। महिला घरेलू क्रिकेट खिलाडि़यों को खेले गए मैचों की संख्या के आधार पर पेंशन दी जाएगी। 2006 से पहले खेलने वाली महिला खिलाड़ी भी इस पेंशन पात्र होगी, क्योंकि बीसीसीआई ने महिला क्रिकेट को मान्यता दी थी। स्कोरर और अंपायर के मानदेय में भी इजाफा करने का निर्णय लिया गया है।

मध्य प्रदेश की टीम के कोच चंद्रकांत पंडित को अगले दो साल का क्रिकेट निदेशक नियुक्त किया गया है। बैठक में भी यह निर्णय लिया गया है। एमपीसीए भी जिला और संभाग स्तर के क्रिकेटरों को बेहतर अवसर देगा।

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