Air Conditioner Buying Guide: बिल हो गया डबल? सिर्फ टन देखकर एसी लिया तो बिल देख रो पड़ेंगे – पढ़ें पूरी सच्चाई!

Air Conditioner Buying Guide: गर्मी शुरू होते ही सबसे पहले दिमाग में आता है एसी लगाने का ख्याल। लेकिन जैसे ही शोरूम में कदम रखते हैं तो सवालों की बौछार शुरू हो जाती है – 1 टन वाला लें या 1.5 टन? ज़्यादातर लोग यही सोचते हैं कि जितना ज़्यादा टन होगा उतनी अच्छी ठंडक मिलेगी। लेकिन सच ये है कि ऐसा सोचना कई बार ग़लत साबित होता है और आपका बिजली का बिल भी ज़रूरत से ज़्यादा आने लगता है। असल में एसी की ठंडक सिर्फ “टन” से नहीं मापी जाती बल्कि इसके पीछे एक और ज़रूरी बात होती है – कूलिंग कैपेसिटी।

क्या है कूलिंग कैपेसिटी और क्यों है ये ज़रूरी?

कूलिंग कैपेसिटी का मतलब होता है कि एसी कितनी जल्दी और कितनी गर्मी कमरे से निकाल सकता है। इसे BTU (British Thermal Unit) या kW (किलोवॉट) में मापा जाता है। अगर एसी की कूलिंग कैपेसिटी ज़्यादा है तो वह कमरे को जल्दी ठंडा करेगा। वहीं अगर इसकी कैपेसिटी कम है तो एसी को ज़्यादा समय लगेगा और बिजली की खपत भी ज़्यादा होगी। इसलिए सिर्फ टन देखकर एसी न खरीदें बल्कि उसकी कूलिंग क्षमता भी जांचें।

Air Conditioner Buying Guide: बिल हो गया डबल? सिर्फ टन देखकर एसी लिया तो बिल देख रो पड़ेंगे – पढ़ें पूरी सच्चाई!

स्टार रेटिंग और इन्वर्टर टेक्नोलॉजी से होती है बचत

एसी का बिजली पर क्या असर पड़ेगा यह उसके स्टार रेटिंग और टेक्नोलॉजी पर भी निर्भर करता है। अगर आपके एसी पर 5 स्टार की रेटिंग है तो इसका मतलब है कि वह कम बिजली में ज़्यादा ठंडक देगा। हां यह थोड़ा महंगा ज़रूर होता है लेकिन लंबे समय में यह आपकी जेब पर हल्का पड़ता है। वहीं 3 स्टार वाले एसी भी ठीक-ठाक बचत करते हैं लेकिन 1 स्टार वाला एसी सस्ता होता है लेकिन बिजली का बिल तगड़ा थमा देता है।

इन्वर्टर एसी की खासियत यह होती है कि वह कमरे के तापमान के अनुसार कंप्रेसर की स्पीड को एडजस्ट करता है। इससे बिजली की काफी बचत होती है और ठंडक भी लगातार बनी रहती है। वहीं नॉन-इन्वर्टर एसी बार-बार ऑन और ऑफ होता रहता है जिससे बिजली की खपत भी बढ़ जाती है और ठंडक में भी फर्क आता है। इसलिए अगर आप लंबी अवधि के लिए सोच रहे हैं तो इन्वर्टर एसी खरीदना ज़्यादा समझदारी है।

कैसे करें सही एसी का चुनाव जिससे ठंडक भी मिले और बिल भी कम आए?

सबसे पहले अपने कमरे के आकार और उसमें पड़ने वाली धूप का ध्यान रखें। अगर आपका कमरा छोटा है तो 1 टन एसी भी काफी होगा लेकिन अगर कमरा बड़ा है तो 1.5 टन या उससे ऊपर भी जा सकते हैं। एसी की कूलिंग कैपेसिटी को जरूर देखें (BTU या kW)। इन्वर्टर टेक्नोलॉजी वाला एसी लें और कम से कम 3 स्टार रेटिंग होनी चाहिए। इसके अलावा EER (Energy Efficiency Ratio) या ISEER भी जांचें। यह जितना ज़्यादा होगा, उतनी ही ज़्यादा बचत होगी। थोड़ी सी समझदारी से आप ठंडक का मज़ा भी ले सकते हैं और बिजली का बिल भी काबू में रख सकते हैं।

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