Bargi Cruise Tragedy: बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि कई परिवारों के लिए जीवनभर का दर्द बन गया। इस घटना ने जहां कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया वहीं कई परिवार अपनों को खोकर सदमे में हैं। हादसे के बाद बचे लोगों की आंखों में डर और अनिश्चितता साफ झलक रही है। हर गवाही में एक ही बात सामने आ रही है कि हालात अचानक बिगड़े और कुछ ही मिनटों में सब कुछ बदल गया। कई लोग अब भी मानसिक रूप से उस भयावह दृश्य से उबर नहीं पाए हैं।
नीचे पानी भरने की चेतावनी और अनसुनी अपील
हादसे के दौरान यात्रियों ने बार बार सुरक्षा कर्मियों को नीचे पानी भरने की जानकारी दी लेकिन शुरुआती प्रतिक्रिया गंभीर नहीं दिखी। सिविल लाइन्स निवासी मनोज सेन ने बताया कि उन्होंने स्टाफ को चेताया था लेकिन उन्हें ऊपर आने को कह दिया गया। कुछ ही देर में क्रूज असंतुलित होने लगा और तेज हवा ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। मनोज किसी तरह अपने बेटे को बचाने में सफल रहे लेकिन उनकी पत्नी इस हादसे में नहीं बच सकीं। यह पल उनके जीवन का सबसे दर्दनाक क्षण बन गया।
चीख पुकार और अफरातफरी में बिखरे परिवार
क्रूज में मौजूद कई यात्रियों ने बताया कि कुछ ही मिनटों में पूरा माहौल बदल गया। पानी तेजी से भरने लगा और लोग एक दूसरे से मदद की गुहार लगाने लगे। अनामिका और समृद्धि ने बताया कि नीचे के डेक पर सबसे ज्यादा डर का माहौल था। लोग ऊपर की ओर भागने लगे और चीख पुकार से पूरा क्रूज गूंज उठा। कुछ यात्रियों को बचाव टीम ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन कई परिवार बिखर गए और कुछ सदस्य अब भी लापता हैं।
सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल और प्रशासनिक जांच
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि क्रूज में क्षमता से अधिक लोग सवार थे और लाइफ जैकेट जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि चालक संकट के समय खुद पानी में कूद गया जिससे स्थिति और बिगड़ गई। प्रशासन अब इस पूरे मामले की जांच में जुटा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह हादसा लापरवाही का परिणाम था। इस घटना ने पर्यटन सुरक्षा मानकों पर गंभीर बहस छेड़ दी है।


