Bhopal-Indore Highway: इंदौर से भोपाल तक जाम में तड़पते लोग! एंबुलेंस भी न पा सकी रास्ता, भोपाल-इंदौर हाइवे बना जंजाल

Bhopal-Indore Highway: इंदौर-देवास रोड पर लगातार एक महीने से चल रहा ट्रैफिक जाम आखिरकार एक जान ले गया। 32 वर्षीय किसान संदीप पटेल की मौत ने उस प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है, जिसकी शिकायतें लोग महीनों से कर रहे थे। मंगलवार दोपहर 3 बजे शुरू हुआ जाम बुधवार सुबह तक भी नहीं हट पाया। संदीप को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में वे जाम में फंस गए और उनकी मौत हो गई। उनके परिजनों और गांववालों का कहना है कि अगर प्रशासन ने पहले ध्यान दिया होता तो यह जान बच सकती थी।

रोज़ाना की मुसीबत बनी है यह सड़क

इंदौर और देवास के बीच रोज़ाना सफर करने वाले हजारों लोगों के लिए यह सड़क अब सिरदर्द बन चुकी है। वंदना जोशी जैसी महिलाएं बताती हैं कि रोज कई घंटे जाम में फंसना पड़ता है और न तो समय बचता है न ईंधन। ट्रकों, बसों और निजी गाड़ियों की लंबी कतारें आम हो चुकी हैं। नर्मल पटेल जैसे स्थानीय लोग ट्रैफिक सुधारने में लगे हैं लेकिन उल्टे दिशा में आ रहे वाहन स्थिति को और बिगाड़ रहे हैं। लोगों की मांग है कि जब तक पुल का निर्माण पूरा नहीं होता तब तक वैकल्पिक मार्ग तुरंत खोले जाएं।

Bhopal-Indore Highway: इंदौर से भोपाल तक जाम में तड़पते लोग! एंबुलेंस भी न पा सकी रास्ता, भोपाल-इंदौर हाइवे बना जंजाल

गुस्से में ग्रामीण और राजनैतिक मोर्चा

संदीप पटेल की मौत के बाद इलाके में गुस्से का माहौल है। किसान नेता हंसराज मंडलोई ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और दोषी अधिकारियों को सख्त सज़ा देने की मांग की है। कांग्रेस नेता मनोज राजानी ने कलेक्टर को पत्र लिखा है और टोल टैक्स बंद करने की मांग की है। कांग्रेस कार्यकर्ता कई जगहों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीण खुद ट्रैफिक सुधारने में लगे हैं क्योंकि प्रशासन का इंतजार करना अब उन्हें बेमानी लग रहा है।

टोल टैक्स पर भी उठे सवाल

ग्रामीण और व्यापारी दोनों ही टोल टैक्स को लेकर बेहद नाराज़ हैं। उनका कहना है कि जब सड़कें खराब हैं, ट्रैफिक का कोई इंतज़ाम नहीं है, तो टोल टैक्स किस बात का लिया जा रहा है। डाचा के व्यापारी संदीप पटेल (नाम समानता) ने सवाल उठाया कि क्या जनता की सुरक्षा और सुविधा के बिना सिर्फ टैक्स वसूलना सरकार की जिम्मेदारी है? AB रोड पर अरजुन बरोदा से शुरू हुआ जाम अब 12 किलोमीटर तक फैल चुका है। कई वाहन खेतों के रास्ते निकलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वहां भी हालत बदतर है।

जाम से जूझती ज़िंदगी, कब मिलेगी राहत?

आलम ये है कि इंदौर से भोपाल तक यात्री और व्यवसायी दोनों परेशान हैं। वैकल्पिक मार्ग जैसे डाचा से जयपुरिया कॉलेज तक का रास्ता भी बंद हो चुका है। 15वीं बटालियन के सैनिकों को ड्यूटी पर लगाया गया है लेकिन स्थिति काबू में नहीं आ रही। सवाल उठता है कि जब जनता लगातार शिकायत कर रही थी तो सरकार और प्रशासन ने समय रहते कोई कदम क्यों नहीं उठाया। अब जब एक जान चली गई है, क्या यह नींद से जागने के लिए काफी होगा?

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