एमपी के 17 शहरों में शराब बंद , सीएम का सख्त एक्शन

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By Desk Input Published On: January 24, 2025

भोपाल। मध्य प्रदेश के 17 शहरों में शराबबंदी की घोषणा की गई है। ये 17 शहर धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नरसिंहपुर में एक कार्यक्रम के दौरान इसका एलान किया।

हालांकि मुख्यमंत्री ने किसी शहर का नाम नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि ये 17 शहर उज्जैन, ओरछा, मंडला, महेश्वर, दतिया, ओंकारेश्वर, मुलताई, जबलपुर, नलखेड़ा, सलकनपुर, चित्रकूट, मंदसौर, मैहर, बरमान घाट, पन्ना, सांची और अमरकंटक हो सकते हैं।
17 शहरों में लगेगी पाबंदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 धार्मिक नगरों ने पूरी तरह से शराबबंदी लागू की जाएंगी। हालांकि ये एलान कोई नया नहीं है। शिवराज सिंह के समय से प्रदेश में ऐसी व्यवस्था है। आपको बता दें कि सीएम मोहन यादव गुरुवार को गोटेगांव पहुंचे थे। यहां उन्होंने ‘राष्ट्रीय कबड्डी टूर्नामेंट’ में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

सीएम ने कहा कि ‘समाज में नशाखोरी से परिवार बर्बाद हो जाते हैं। हमने संकल्प लिया है कि 17 धार्मिक नगरों में हम शराबबंदी की घोषणा कर रहे हैं। धार्मिक नगरों में शराबी की दुकानों पर ताले लगाए जाएंगे।’

1 अप्रैल से लागू होगा आदेश
माना जा रहा है कि शराबबंदी का यह आदेश 1 अप्रैल से लागू होगा। पन्ना के आबकारी निरीक्षक मुकेश पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान में जो दुकानें संचालित हो रही हैं, वह पुरानी आबकारी नीति के तहत अभी वित्तिय वर्ष तक संचालित होंगी।

उन्होंने कहा कि इसके बाद जो नया नोटिफिकेशन और नई शराबनीति शासन के द्वारा भेजी जायेगी, उससे स्थितियां और साफ होंगी कि शराबबंदी की सीमा कहां तक होगी। बता दें कि पन्ना में शराब की बिक्री से सरकार को 24 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलता है।

धार्मिक पर्यटन के रूप में विकास
सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के वे स्थल जहां भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम के चरण पडे़, उन्हें धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित किया जायेगा। इस दौरान सांसद दर्शन सिंह, विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल और विधायक महेन्द्र नागेश समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे।

सीएम ने सहयोगी क्रीड़ा मंडल को 11 लाख रुपये दने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कबड्डी लीग का भी आयोजन किया जाएगा। सीएम ने ये भी कहा कि कबड्डी टूर्नामेंट की परंपराएं हमें गौरवान्वित करती हैं।