भोपाल: मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए नगरीय निकाय उपचुनावों में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। प्रदेश की 19 वार्ड सीटों पर हुए इन उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 13 वार्डों पर जीत दर्ज की है। बालाघाट नगरपालिका के वार्ड क्रमांक 22 की उपचुनाव सीट, जो बालाघाट-सिवनी लोकसभा सांसद भारती पारधी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, पर भी बीजेपी के मनीष नेमा ने जीत हासिल की। इस उपचुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस और एक निर्दलीय उम्मीदवार को कड़ी टक्कर देते हुए बाजी मारी।
इंदौर के वार्ड क्रमांक 83 में भी कांग्रेस को भारी हार का सामना करना पड़ा, जहां बीजेपी के जीतू राठौर ने 4255 वोटों के अंतर से कांग्रेस के विकास जोशी को हराया। यह वार्ड बीजेपी का परंपरागत गढ़ माना जाता है। दिलचस्प बात यह है कि यह वार्ड कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के गृह नगर इंदौर में स्थित है, जिससे कांग्रेस की हार को और भी गहरा धक्का माना जा रहा है।
बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कांग्रेस की इस हार पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अपने ही नेता के गृह नगर में वार्ड तक नहीं जीत पाई, और उन्होंने पटवारी की प्रदेश की राजनीति में प्रभावहीनता पर सवाल उठाए।
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा का ट्वीट-
इंदौर में एक बार फिर भाजपा का परचम लहराया…मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के गृह नगर इंदौर के वार्ड क्रमांक 83 के उपचुनाव में कांग्रेस कासूपड़ा साफ़…4 हज़ार से अधिक वोटों से हुई भाजपा प्रत्याशी की जीत…अयोध्या ने फिर इतिहास रचा…घर संभल नहीं रहा है और चले हैं प्रदेश सँभालने….पहले विधानसभा में स्कोर 0, फिर लोकसभा में प्रत्याशी तक नहीं, नोटा को समर्थन दिया तो 3 लाख वोट कम हो गये, गृह बूथ,गृह वार्ड, ख़ुद की विधानसभा में रिकॉर्ड हार और अब पूरी ताक़त लगाने के बाद भी एक वार्ड प्रत्याशी तक नहीं जीता पाये….देश, विदेश और प्रदेश के मामलों में बड़ी-बड़ी बयानबाज़ी करने वाले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के गृह नगर इंदौर में पार्टी गई तेल लेने….।
इस प्रकार, इन उपचुनावों में बीजेपी ने नगरीय निकायों में अपनी पकड़ को और भी मजबूत किया है, वहीं कांग्रेस को अपनी स्थिति सुधारने के लिए गंभीर रणनीतिक बदलावों की आवश्यकता है।
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