भारतीय राजनीतिक दलों के द्वारा पिछले 6 साल में गूगल और यूट्यूब को कुल 390 करोड़ रुपए के पॉलिटिकल विज्ञापन दिए गए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के द्वारा पिछले 6 साल में अब तक गूगल और यूट्यूब पर 103 करोड़ रुपये से अधिक के राजनीतिक विज्ञापन दिए जा चुके हैं। इस मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि गूगल एड्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक, BJP ने मई 2018 से गूगल और यूट्यूब पर विज्ञापन देने में 103 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। इसमें से 68.2% प्रतिशत राशि वीडियो पर खर्च किए गए हैं, इस मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा ने Google और YouTube पर विज्ञापन खर्च में 100 करोड़ रुपये को पार करने वाली देश की पहली राजनीतिक पार्टी बन गई है।
कांग्रेस का दूसरा स्थान
इस रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि 5992 ऑनलाइन ऐड के साथ कांग्रेस दूसरे नंबर पर है। कांग्रेस पार्टी ने इन विज्ञापनों पर 45 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जो भाजपा के ऐड का सिर्फ 3.7% है। इसके विज्ञापन अभियान मुख्य रूप से कर्नाटक और तेलंगाना (9.6 करोड़ रुपए से अधिक) और मध्य प्रदेश (6.3 करोड़ रुपए) पर केंद्रित थे… वहीं, लोकसभा चुनाव 2024 के पहले और दूसरे फेज के दौरान भाजपा से ज्यादा खर्च कांग्रेस ने किया है। कांग्रेस ने 5.7 करोड़, जबकि भाजपा ने 5.3 करोड़ खर्च किए हैं। लोकसभा चुनाव के प्रचार के दूसरे चरण के दौरान, लगभग सभी राजनीतिक दलों ने अकेले Google पर अपने घोषणापत्र, नीतियों और उपलब्धियों को प्रचारित करने पर लगभग ₹15 करोड़ खर्च किए हैं।
DMK का तीसरा स्थान
तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी DMK, मई 2018 से 42 करोड़ रुपये के कुल खर्च के साथ, Google प्लेटफ़ॉर्म पर तीसरे सबसे बड़े राजनीतिक विज्ञापनदाता के रूप में उभरी है। विशेष रूप से राजनीतिक सलाहकार फर्म पॉपुलस एम्पावरमेंट नेटवर्क ने इस साल फरवरी से DMK की ओर से 16.6 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। तमिलनाडु से परे, DMK ने कर्नाटक और केरल में डिजिटल विज्ञापनों के लिए क्रमशः 14 लाख रुपये और 13 लाख रुपये आवंटित किए। इस बीच, Google पर BRS का विज्ञापन खर्च नवंबर 2023 के विधानसभा चुनावों पर केंद्रित था, जो कुल 12 करोड़ रुपये से अधिक था… हालांकि असफल रहा, क्योंकि कांग्रेस ने जीत हासिल की है।
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