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भाजपा विधायक पुलिस अफसरों के सामने हुए दंडवत, नशे के कारोबार के खिलाफ अनोखा विरोध

रीवा: मध्य प्रदेश के मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल का पुलिस अफसरों के सामने दंडवत होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विधायक प्रदीप पटेल बुधवार को रीवा रेंज के आईजी महेंद्र सिंह सिकरवार के कार्यालय पहुंचे और आईजी के अनुपस्थित होने पर कार्यालय के सामने दंडवत हो गए। इसके बाद वे सीधे रीवा एसपी के चेम्बर में गए और एएसपी अनुराग पांडेय को भी दंडवत प्रणाम किया। विधायक के इस अनोखे विरोध का कारण मऊगंज में बढ़ते नशे के कारोबार और गुंडागर्दी पर पुलिस की निष्क्रियता बताया जा रहा है।

नशे के खिलाफ विरोध

विधायक प्रदीप पटेल ने कहा कि मऊगंज जिला पूरी तरह से नशे की चपेट में है। हर गांव में अवैध शराब, कोरेक्स, गांजा, और नशीली गोलियों का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इसके चलते हत्या, लूट, चोरी, छेड़खानी और दुष्कर्म के मामलों में वृद्धि हो रही है। विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है, और इसके परिणामस्वरूप समाज में असामाजिक गतिविधियों का बोलबाला है।

पुलिस को जगाने का अनोखा तरीका

प्रदीप पटेल ने नशे के व्यापार और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधिकारियों को ‘जगाने’ के लिए यह अनोखा तरीका अपनाया। ज्ञापन देने पहुंचे विधायक ने एसपी और एएसपी के सामने दंडवत होकर यह संदेश दिया कि वे पुलिस से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद रखते हैं।

क्या कहा विधायक ने?

विधायक प्रदीप पटेल का कहना है कि मऊगंज के ग्रामीण क्षेत्र में नशे के कारण कई सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने बताया कि नशे के कारण लड़कियों को स्कूल छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है, और अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पटेल ने यह भी कहा कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ रहा है।

निष्क्रियता पर सवाल

भाजपा के विधायक द्वारा उठाए गए इस कदम ने पुलिस विभाग की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मऊगंज जैसे क्षेत्रों में नशे का बढ़ता कारोबार और अपराधों में इजाफा स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि इस घटना के बाद पुलिस विभाग क्या कदम उठाता है और विधायक के इस विरोध का क्या प्रभाव पड़ता है।

इस पूरे घटनाक्रम ने नशे के खिलाफ सरकारी तंत्र की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में भी रोष देखा जा रहा है।

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